अंबाला | दिल्ली से अंबाला के बीच रेल नेटवर्क को और मजबूत करने की दिशा में बड़ी परियोजना आगे बढ़ गई है. दिल्ली-पानीपत-अंबाला रेल मार्ग पर मौजूदा लाइनों के साथ तीसरी और चौथी लाइन बिछाने के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. पूरी परियोजना पर करीब 5,983 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं.
रेल मंत्रालय के उत्तर रेलवे निर्माण संगठन की ओर से जारी राजपत्र अधिसूचनाओं में परियोजना के लिए आवश्यक जमीन की जानकारी दी गई है. हरियाणा के पानीपत, करनाल और अंबाला जिलों की भूमि इस रेल परियोजना के दायरे में आएगी.
लाइन बिछाने की तैयारी
दिल्ली-पानीपत-अंबाला कॉरिडोर महत्वपूर्ण रेल मार्गों में शामिल है. अब इस रूट पर दो अतिरिक्त लाइनें बिछाने की योजना पर काम आगे बढ़ाया जा रहा है. तीसरी और चौथी लाइन तैयार होने के बाद इस रेल कॉरिडोर की यातायात क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी. अतिरिक्त ट्रैक उपलब्ध होने से भविष्य में अधिक ट्रेनों के संचालन के लिए भी रेल नेटवर्क की क्षमता बेहतर हो सकेगी.
परियोजना के लिए जमीन की जरूरत को देखते हुए रेलवे ने अधिग्रहण से जुड़ी प्रक्रिया शुरू कर दी है.
जमीन का अधिग्रहण
हरियाणा में पानीपत, करनाल और अंबाला जिले की जमीन परियोजना के लिए चिह्नित की गई है. राजपत्र में अधिग्रहण के लिए आवश्यक भूमि का विवरण जारी किया गया है. जिन लोगों का प्रस्तावित जमीन पर मालिकाना अधिकार है या उससे किसी अन्य तरह का हित जुड़ा है, उन्हें अपनी आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया गया है.
lआपत्ति के लिए 30 दिन
प्रभावित जमीन मालिक अधिसूचना प्रकाशित होने की तारीख से 30 दिनों के भीतर लिखित आपत्ति दे सकते हैं. संबंधित जिले के जिला राजस्व अधिकारी यानी DRO के सामने यह आपत्ति दाखिल करनी होगी.
