चंडीगढ़ | सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले युवा अक्सर एक साथ कई भर्ती परीक्षाओं के फॉर्म भरते हैं. परेशानी उस समय होती है जब दो बड़ी परीक्षाएं एक ही दिन पड़ जाएं और अभ्यर्थी को किसी एक परीक्षा को छोड़ना पड़े. अब हरियाणा के युवाओं को ऐसी परेशानी से बचाने के लिए HSSC और HPSC को खास निर्देश दिए गए हैं. बता दें कि संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने 2027 में होने वाली परीक्षाओं का कैलेंडर जारी कर दिया है. इसके बाद हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग और हरियाणा लोक सेवा आयोग से कहा गया है कि अपनी परीक्षाओं की तारीख तय करते समय UPSC के कैलेंडर का ध्यान रखें.

इस व्यवस्था का फायदा खासकर उन युवाओं को होगा, जो UPSC के साथ हरियाणा सरकार की नौकरियों की तैयारी भी कर रहे हैं. HSSC और HPSC को अपना परीक्षा शेड्यूल बनाते समय UPSC की प्रमुख परीक्षाओं की तारीखों से टकराव से बचने के लिए कहा गया है.
23 मई को होगी UPSC Prelims
वहीं, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सभी उपायुक्तों को भी UPSC की परीक्षाओं को लेकर जरूरी तैयारियां रखने के निर्देश दिए हैं. परीक्षा केंद्रों पर प्रशासनिक और जरूरी लॉजिस्टिक व्यवस्था उपलब्ध कराने को कहा गया है. अब अगर सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं की बात करें तो UPSC Civil Services Prelims 2027 का आयोजन 23 मई को किया जाएगा. इसकी अधिसूचना 13 जनवरी को जारी होगी और आवेदन करने की आखिरी तारीख 2 फरवरी 2027 रहेगी. इसी दिन भारतीय वन सेवा की प्रारंभिक परीक्षा भी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के माध्यम से आयोजित की जाएगी.
ये तारीखें भी कर लें नोट
इंजीनियरिंग सेवा प्रारंभिक परीक्षा 31 जनवरी 2027 को होगी, जबकि इसकी मुख्य परीक्षा 18 जून को रखी गई है. संयुक्त भू-वैज्ञानिक प्रारंभिक परीक्षा 10 जनवरी को होगी और मुख्य परीक्षा 19 जून से शुरू होकर 2 दिन चलेगी. वहीं, NDA और नौसेना अकादमी परीक्षा के साथ CDS परीक्षा का पहला चरण 11 अप्रैल को होगा. इन दोनों परीक्षाओं का दूसरा चरण 19 सितंबर 2027 को आयोजित किया जाएगा. CAPF असिस्टेंट कमांडेंट परीक्षा 4 जुलाई और संयुक्त चिकित्सा सेवा परीक्षा 18 जुलाई 2027 को होगी. भारतीय वन सेवा की मुख्य परीक्षा 21 नवंबर से शुरू होगी और 7 दिन तक चलेगी.
ऐसे में 2027 में केंद्र और हरियाणा सरकार की भर्ती परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए UPSC का यह कैलेंडर काफी जरूरी है. वहीं, HSSC और HPSC द्वारा तारीखों में टकराव से बचने पर अभ्यर्थियों को एक परीक्षा के कारण दूसरी परीक्षा छोड़ने जैसी परेशानी से राहत मिल सकेगी.