चंडीगढ़ | सेना में 4 साल तक देश की सेवा करने के बाद हरियाणा के युवाओं के सामने सबसे बड़ा सवाल आगे के रोजगार का होता है। कई युवा सरकारी नौकरी करना चाहते हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें दोबारा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करनी पड़ती है। अब हरियाणा सरकार ने पूर्व अग्निवीरों के लिए भर्ती प्रक्रिया को आसान बनाने का फैसला किया है। इससे सैन्य सेवा पूरी कर लौटने वाले पात्र युवाओं को प्रदेश के सरकारी विभागों में नौकरी पाने के नए अवसर मिलेंगे।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में शनिवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में पूर्व अग्निवीरों की भर्ती से जुड़े नियमों में संशोधन को मंजूरी दी गई है। इसके तहत हरियाणा की अग्निवीर नीति के अंतर्गत आने वाले ग्रुप-C पदों पर सीधी भर्ती के लिए पूर्व अग्निवीरों को निर्धारित परीक्षाओं से छूट मिलेगी।
ग्रुप-C की सीधी भर्ती में परीक्षा से छूट
सरकार के नए फैसले के अनुसार, पात्र पूर्व अग्निवीरों को अग्निवीर नीति के दायरे में आने वाले ग्रुप-C पदों की सीधी भर्ती में निर्धारित परीक्षाएं नहीं देनी होंगी। इन पदों के लिए जारी होने वाले भर्ती विज्ञापनों में निर्धारित आरक्षण और अन्य शर्तों के आधार पर उनके नाम पर सीधी नियुक्ति के लिए विचार किया जाएगा। हरियाणा के मूल निवासी पूर्व अग्निवीरों के लिए पहले से भी कई सुविधाओं का प्रावधान है। इनमें सरकारी पदों पर क्षैतिज आरक्षण, अधिकतम आयु सीमा में छूट और सामान्य पात्रता परीक्षा (CET) से छूट शामिल हैं। हालांकि, नियुक्ति संबंधित आरक्षण, पात्रता और अन्य भर्ती नियमों के अनुसार ही होगी। अब मंत्रिमंडल ने भर्ती प्रक्रिया में अतिरिक्त राहत देने का निर्णय लिया है।
फिजिकल टेस्ट भी नहीं देना होगा
इसी बीच सरकार ने कुछ निर्धारित पदों के लिए शारीरिक परीक्षण से भी छूट देने की मंजूरी दी है। इनमें वन्यजीव रक्षक, भारतीय रिजर्व बटालियन में कांस्टेबल, राज्य आपदा मोचन बल में कांस्टेबल और फायर ऑपरेटर कम ड्राइवर के पद शामिल हैं। इन पदों के लिए पात्र पूर्व अग्निवीरों को लागू नियमों के अनुसार शारीरिक जांच परीक्षण और शारीरिक माप परीक्षण से छूट दी जाएगी। हालांकि, संबंधित पदों की अन्य आवश्यक पात्रता शर्तें पूरी करना जरूरी होगा।