राजस्थान में बनी बिजली से जगमग होगा हरियाणा, हिसार सहित 4 जिलों से गुजरेगी 4 ट्रांसमिशन लाइन

चंडीगढ़ | बिजली संकट से जूझ रहे हरियाणा के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। बता दें कि राजस्थान के रेगिस्तान में तैयार होने वाली सौर ऊर्जा से अब हरियाणा के कई जिले जगमग होंगे। केंद्रीय बिजली मंत्रालय के अंतर्गत शुरू किए गए इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के तहत राजस्थान रिन्यूएबल एनर्जी जोन Phase-4 (बीकानेर) से उत्पादित होने वाली सोलर बिजली की सुगम निकासी के लिए ट्रांसमिशन लाइनों का जाल बिछाया जा रहा है। करीब 5 हजार करोड़ रुपए की लागत वाली इस परियोजना के पूरा होने से हरियाणा और पंजाब के कई जिलों में बिजली संकट से स्थायी राहत मिलेगी।

Bijli Transmitter

लोगों को 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति जारी रखने में मदद मिलेगी. ऊर्जा संरक्षण और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में देश भर में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत हरियाणा में भी युद्धस्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं.

4 जिलों को मिलेगा फायदा

इस पूरी परियोजना का मुख्य केंद्र भिवानी जिले का सिवानी क्षेत्र बनाया जा रहा है जहां एक बड़ा पावरग्रिड स्थापित किया जाएगा। बीकानेर से सीधे सिवानी तक 7.65 लाख वोल्टेज (765 kV) की अति उच्च दाब वाली मेन ट्रांसमिशन लाइन लाई जाएगी। इसके बाद भिवानी के सिवानी से आगे जींद, सोनीपत, फतेहाबाद और पड़ोसी राज्य पंजाब के पातड़ा के लिए 400 kV यानी 4 लाख वोल्टेज की अलग-अलग लाइनें निकाली जाएंगी।

इन लाइनों के सुचारू संचालन के लिए 400 kV डबल सर्किट क्वाड कंडक्टर ट्रांसमिशन लाइनों का निर्माण किया जाएगा, जिनके रास्ते में आने वाले टावरों के लिए किसानों से संवाद कर जमीन का मुआवजा तय किया जा रहा है।

किसानों को मिलेगा मुआवजा

भूमि अधिग्रहण और मुआवजे को लेकर स्थानीय प्रशासन और किसानों के बीच बैठकों का दौर जारी है। नियमों के मुताबिक, टावर और लाइन के नीचे आने वाले करीब 46 मीटर चौड़े कॉरिडोर (गलियारे) का इस्तेमाल ट्रांसमिशन लाइन के लिए किया जाएगा। जमीन का मालिकाना हक पूरी तरह से किसान के पास ही सुरक्षित रहेगा लेकिन कॉरिडोर के इस्तेमाल के एवज में किसानों को जमीन की तय वैल्यू का 30% हिस्सा मुआवजे के तौर पर दिया जाएगा।

कई इलाकों में किसान जमीनों के हिसाब से अलग-अलग मुआवजा दरों की मांग कर रहे हैं, जिसके समाधान के लिए संबंधित जिला प्रशासन, ट्रांसमिशन कंपनी के प्रतिनिधियों और किसानों की एक संयुक्त कमेटी रेट तय करने में जुटी है ताकि बिना किसी रुकावट के इस राष्ट्रीय महत्व के प्रोजेक्ट को समय पर पूरा किया जा सके.

खटकड़ पॉवर ग्रिड की बढ़ेगी क्षमता

परियोजना के तहत सिवानी से जींद तक करीब 100 किलोमीटर की दूरी में लगभग 270 टावर लगाए जाने हैं। इस दायरे में भिवानी, हांसी, हिसार और जींद जिले के किसानों की जमीन आ रही है। किसानों से उनके खेतों में टावर लगाने के लिए अनुबंध करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जींद जिले के जाजवान, ढांडाखेड़ी, बरसोला और खटकड़ गांवों के खेतों में 26 टावर लगेंगे।

जींद जिले की बात करें तो सिवानी से यह लाइन सीधी खटकड़ गांव स्थित पावरग्रिड में पहुंचेगी। फिलहाल, खटकड़ में 220 kV का पावरग्रिड मौजूद है, जिसकी क्षमता को इस प्रोजेक्ट के तहत और बढ़ाया जाएगा। इसके बाद यहां से बिजली निगम के माध्यम से पूरे जींद जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में पर्याप्त मात्रा में बिजली की सप्लाई पहुंचाई जा सकेगी।

Avatar of Sanjukta Pandit
Sanjukta Pandit
View all posts

मेरा नाम संयुक्ता पंडित है. मै हरियाणा ई खबर में बतौर एडिटर के पोस्ट पर लगभग 4 सालों से काम रही हूँ. मेरी हमेशा कोशिश रहती है आप लोगो तक ब्रेकिंग न्यूज़ जल्द से जल्द अपडेट करूं और न्यूज़ में कोई व्याकरण की गलती न हो.