चंडीगढ़ | हरियाणा में लंबे समय से नियमित होने का इंतजार कर रहे हजारों गेस्ट टीचर्स की उम्मीदों को एक बार फिर झटका लगा है। अपनी मांग को लेकर लगातार आवाज उठा रहे शिक्षकों को सरकार की ओर से फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। ऐसे में अब उनका आंदोलन और तेज हो सकता है। बता दें कि सोमवार को गेस्ट टीचर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के चीफ प्रिंसिपल सेक्रेटरी राजेश खुल्लर के बीच चंडीगढ़ में बैठक हुई।

करीब 30 मिनट तक चली इस बातचीत में नियमितीकरण के मुद्दे पर कोई सहमति नहीं बन पाई। गेस्ट टीचर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के मीडिया प्रवक्ता अजय लोहान के मुताबिक, खुल्लर ने कहा कि सरकार स्पीकिंग ऑर्डर जारी कर चुकी है और अब इसे वापस नहीं लिया जा सकता।
मांग खारिज
स्कूल शिक्षा विभाग ने 24 अक्टूबर 2026 को स्पीकिंग ऑर्डर जारी कर गेस्ट टीचर्स को 2014 की पॉलिसी के तहत नियमित करने से इनकार कर दिया था। विभाग का कहना है कि गेस्ट टीचर्स की नियुक्ति 2005 में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए अस्थायी आधार पर की गई थी। चयन नियमित भर्ती की तरह परीक्षा और मेरिट के आधार पर नहीं हुआ था। विभाग ने यह भी कहा कि लंबे समय तक सेवा देने से नियमित होने का अधिकार नहीं मिलता। गेस्ट टीचर्स सर्विस एक्ट-2019 में नौकरी की सुरक्षा है, नियमितीकरण का प्रावधान नहीं।
नियुक्ति से जुड़े दस्तावेज
अजय लोहान के अनुसार, बैठक में एसोसिएशन ने नियुक्ति से जुड़े दस्तावेज भी पेश किए, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला। अधिकारियों ने शिक्षकों को स्पीकिंग ऑर्डर को अदालत में चुनौती देने की बात कही। वहीं, मोर्चा प्रतिनिधियों का कहना है कि सरकार को अदालत के आदेशों का पालन करना चाहिए।
नई रणनीति बनाएंगे शिक्षक
इससे पहले 21 अक्टूबर को गेस्ट टीचर्स ने सिरसा से न्याय यात्रा शुरू की थी। अब मोर्चा जल्द ही सभी जिलों और ब्लॉकों के प्रधानों की बैठक बुलाकर आंदोलन की अगली रणनीति तैयार करेगा। शिक्षकों की मांग है कि 3 साल की पॉलिसी के तहत उन्हें नियमित किया जाए। उनका कहना है कि अन्य विभागों और संस्थानों में नियुक्त कर्मचारियों व शिक्षकों को नियमित किया गया है, लेकिन वर्षों से सेवा दे रहे गेस्ट टीचर्स को राहत नहीं मिली।