अंबाला | हरियाणा में बसों से रोजाना सफर करने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है। रोडवेज कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ हड़ताल पर जाने की तैयारी कर रहे हैं। अगर उनकी मांगों पर जल्द फैसला नहीं हुआ तो 5 और 6 नवंबर को प्रस्तावित हड़ताल को अनिश्चितकाल तक बढ़ाया जा सकता है। अंबाला में सांझा मोर्चा की बैठक हुई, जिसमें कर्मचारियों ने हड़ताल को सफल बनाने की रणनीति तैयार की।

परिवहन मंत्री के साथ 15 सूत्रीय मांगों पर सहमति बनी थी, लेकिन अब तक उन्हें लागू नहीं किया गया। इसी वजह से कर्मचारी आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर हैं। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में रोडवेज के बेड़े को मजबूत करना और परिवहन व्यवस्था में निजीकरण बंद करना शामिल है।
खाली पद भरने की मांग
विभाग में कई पद खाली पड़े हैं, जिन्हें जल्द भरा जाना चाहिए। इसके अलावा क्लर्कों के पे-स्केल में बढ़ोतरी, वेतन वृद्धि, जोखिम भत्ता देने और 11 साल के बकाया बोनस का भुगतान करने की मांग भी उठाई गई है। वहीं, रोडवेज कर्मचारियों ने 3 नवंबर को डीजी रोडवेज के साथ प्रस्तावित बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि बातचीत में परिवहन मंत्री और मुख्यमंत्री मौजूद रहेंगे, तभी वे वार्ता के लिए तैयार होंगे। ऐसा नहीं होने पर बैठक का बहिष्कार किया जाएगा।
सहयोग की अपील
कर्मचारियों ने आम लोगों से हड़ताल में सहयोग करने की अपील की है। कर्मचारियों ने सरकार से जल्द मांगें लागू करने की अपील की है, जिससे हड़ताल की स्थिति टाली जा सके।