नूंह | खेती में अच्छी कमाई के लिए किसानों को कई बार फसल तैयार होने के बाद भी सही भाव मिलने का इंतजार करना पड़ता है लेकिन हरियाणा के नूंह जिले में किसानों ने प्याज की अगेती फसल से कमाई का अच्छा रास्ता निकाल लिया है। यहां किसान प्याज को पूरी तरह पकने से पहले ही हरी पत्तियों के साथ बेच रहे हैं और दिल्ली-एनसीआर की मंडियों में उन्हें बढ़िया दाम मिल रहे हैं।

नूंह जिले के पिनगवां खंड में खानपुर घाटी, रहपुआ और झिमरावट सहित कई गांवों में हरी प्याज की खेती हो रही है। इस बार जिले में करीब 7700 हेक्टेयर क्षेत्र में प्याज की फसल लगाई गई है। किसानों को शुरुआती फसल के अच्छे भाव मिलने से राहत मिली है।
इतने मिल रहे भाव
खानपुर घाटी गांव के किसान इनायत करीब 10 साल से प्याज की खेती कर रहे हैं। उन्होंने इस बार लगभग पौने दो एकड़ में प्याज लगाई है। सुबह खेतों से हरी प्याज निकालकर उसकी सफाई और छंटाई करते हैं। इसके बाद पिकअप वाहन से फसल दिल्ली-एनसीआर की मंडियों में पहुंचाते हैं। उनके अनुसार, हरी प्याज 40 से 50 रुपये प्रति किलो के थोक भाव पर बिक रही है।
दिल्ली, गुरुग्राम में अलग-अलग दाम
दिल्ली की आजादपुर, ओखला और गाजीपुर मंडियों में हरी प्याज के थोक भाव 40 से 50 रुपये प्रति किलो बताए जा रहे हैं। वहीं, गुरुग्राम में कीमत 35 से 45 रुपये प्रति किलो है। खुदरा बाजार में यही प्याज 60 से 70 रुपये किलो या 20 रुपये की छोटी गड्डी में बिक रही है। किसान पूरी फसल एक साथ नहीं बेच रहे हैं। कुछ प्याज अभी खेतों में रखी जा रही है, जिसे बाद में सूखी प्याज के रूप में बेचा जाएगा।
बेहतर भाव मिलने से किसानों की आमदनी बढ़ने की उम्मीद है। शुरुआती बिक्री से खेती की लागत निकालने में भी मदद मिल रही है- अब्दुल रजाक, जिला बागवानी अधिकारी