बिजनेस डेस्क | अगर आप भी शेयर बाजार (Share Bazar) में निवेश करने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो आज की यह खबर आपके लिए है. ट्रंप की तरफ से अमेरिका को एक्सपोर्ट करने वाले देशों पर टैरिफ लगाने के फैसले को दवा बताया गया था, परंतु मौजूदा स्थिति इसके बिलकुल विपरीत दिखाई दे रही है.
मार्केट में मंदी की आशंका पैदा हो गई है और दुनिया भर के बाजारों में भारी बिकावली भी हो रही है. आज हम आपको इसी के बारे में डिटेल जानकारी देने वाले हैं.
उथल- पुथल भरा माहौल
बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी में प्री ओपनिंग में 5% तक शेयर्स लुढ़क गए थे. बाजार खुलने के बाद निचले स्तर में थोड़ी और गिरावट देखने को मिली है. दोनों प्रमुख सूचकांक 3% से ज्यादा गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे हैं. इस वजह से बाजारों में भी काफी उत्तल- पुथल देखने को मिल रहा है. इस स्थिति से निवेशको करीब 19 लाख करोड रुपए तक का नुकसान हो चुका है.
आईटी मेटल्स के शेयर सबसे अधिक दबाव महसूस कर रहे हैं. एशियाई बाजारों में सोमवार को हॉन्गकॉन्ग का हैंगसैंग करीब 11%, जापान का निक्की 225 करीब 7%, चीन का शंघाई एसएसई कंपोजिट 6% से अधिक और दक्षिण कोरिया का कॉस्पी 5% की गिरावट में देखने को मिली.
लगातार घट रही शेयर्स की कीमतें
इससे पहले अमेरिकी बाजारों में भी शुक्रवार को भारी गिरावट दर्ज की गई. इसी दिशा में एसएंडपी 500 में 5.97%, नैस्डैक कंपोजिट में 5.82% और डाउ में 5.50% की गिरावट दर्ज की गई. ट्रंप टैरिफों की घोषणा के बाद जापान का निक्केई सूचकांक 6.5% गिरकर 31,591.84 पर बंद हुआ, जो पिछले डेढ़ साल का निचला स्तर रह.
चीनी ब्लू- चिप शेयरों में लगभग 7% की गिरावट आई और ताइवान के बाजार में 10% की भारी गिरावट दर्ज की गई. इन क्राफ्टों के पीछे निवेशको की भी चिंता है कि टेरिफ के कारण कीमत बढ़ेगी. इसके विपरीत, मांग कमजोर होगी और मंदी का खतरा भी बढ़ता जा रहा है.
