चरखी दादरी | हरियाणा के चरखी दादरी के कादमा गांव की 106 साल की रामबाई ने उम्र के इस पड़ाव में ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जो कई युवा भी हासिल नहीं कर पाते. ‘उड़नपरी’ दादी ने बीबीसी का स्टार परफॉर्मर ऑफ़ द ईयर अवॉर्ड अपने नाम किया है. उन्होंने राष्ट्रीय ओपन मास्टर एथलीट चैंपियनशिप में 100 व 200 मीटर स्प्रिंट दौड़ में दो मेडल जीतकर नेशनल रिकॉर्ड बना दिया.
जीते 100 से अधिक पदक
रामबाई ने बताया कि साढ़े 4 साल पहले उन्होंने अन्य बुजुर्गों को दौड़ते देखा और खेतों के कच्चे रास्ते पर दौड़ लगानी शुरू की. पहले ही प्रयास में उन्होंने मेडल जीत लिया. कुछ ही समय में उन्होंने 100 से अधिक पदक अपने नाम कर लिए. उनका कहना है कि यदि सरकार से सहयोग मिले, तो वह विदेशी धरती पर भी गोल्ड मेडल जीत सकती हैं. यही उनकी अंतिम इच्छा भी है. उन्होंने अपना पासपोर्ट भी बनवा लिया है.
2021 में की थी शुरुआत
साल 2021 में जब उनकी उम्र 104 साल थी, तब उन्होंने वाराणसी से अपने खेल करियर की शुरुआत की. अगले ही साल 2022 में उन्होंने 100 मीटर दौड़ में मानकौर के 74 सेकंड के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए 45.47 सेकंड का नया कीर्तिमान स्थापित किया. उनकी नातिन शर्मिला ने बताया कि उनकी नानी सुबह 4 बजे उठकर पहले पैदल चलती हैं और फिर दौड़ का अभ्यास करती हैं. वह प्रतिदिन 5 से 6 किलोमीटर तक दौड़ लगाती हैं. उनके आहार में दूध से बने उत्पाद शामिल होते हैं. वह हर रोज ढाई सौ ग्राम घी, आधा किलो दही और दिन में दो बार 500 मिलीलीटर दूध पीती हैं.
