नई दिल्ली | UIDAI द्वारा अब आधार जारी करने और अपडेट की प्रक्रिया में एक और स्टेप जोड़ा गया है. इस नए बदलाव के तहत, अब ड्राइविंग लाइसेंस, PAN कार्ड और मनरेगा डिटेल जैसी जानकारियों का इस्तेमाल व्यक्ति की पहचान को क्रॉस- वेरिफाई करने के लिए किया जाएगा. आने वाले समय में बिजली बिल जैसे दस्तावेजों को भी इस प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा.
इस कदम का उद्देश्य आधार को और ज्यादा सुरक्षित और विश्वसनीय बनाना है. इसके साथ ही, डाटा प्राइवेसी और यूजर एक्सेस को लेकर निगरानी भी जारी रहेगी.
गैरकानूनी प्रवासियों पर लगेगी रोक
UIDAI ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने दस्तावेज समय- समय पर अपडेट करें और आधार से जुड़ी अधिसूचनाओं पर नजर बनाए रखें. आधार नागरिकता का प्रमाण नहीं है, लेकिन अब सरकार इसका उपयोग गैरकानूनी प्रवासियों को पहचानने और उन्हें आधार जारी होने से रोकने में करेगी.
अधिकारियों ने बताया कि पहले की प्रणाली में कई प्रवासियों ने आधार बनवाकर बैंक अकाउंट और वोटर ID जैसे दस्तावेज भी हासिल कर लिए थे. लेकिन अब नई वेरिफिकेशन प्रणाली के तहत यह प्रक्रिया रोकी जा सकेगी.
दस्तावेजों की होगी ऑटोमेटिक जांच
नई प्रणाली में टूल्स की मदद से दस्तावेजों की ऑटोमेटिक जांच की जाएगी, जिससे मैन्युअल त्रुटियों की संभावना कम होगी. राज्य सरकारों की यह जिम्मेदारी होगी कि वे अवैध प्रवासियों को आधार कार्ड बनवाने से रोकें. नागरिक UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने नाम, पता और जन्मतिथि जैसे विवरणों को अपडेट कर सकते हैं. इसके लिए संबंधित दस्तावेजों को ऑनलाइन अपलोड करना अनिवार्य होगा.
