नई दिल्ली, Success Story | आज हम आपको एक ऐसी युवा प्रतिभा की कहानी बताते है, जिसने कम उम्र में अपने सपनों को हकीकत में बदलकर लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा प्रस्तुत की है. हम बात कर रहे है मुस्कान जिंदल की, जो हिमाचल प्रदेश के सोलन की रहने वाली है और जिसने 22 साल की उम्र में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) जैसी कठिन परीक्षा को अपने पहले प्रयास में ही पास कर लिया. मुस्कान ने UPSC में ऑल इंडिया 87वां रैंक हासिल किया और यह साबित किया कि मेहनत और अनुशासन के दम पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है.

बचपन से सिविल सर्विस में जाने का सपना
मुस्कान जिंदल बचपन से ही पढ़ाई में तेज थी और उनका सपना सिविल सेवा में जाकर देश की सेवा करना था. उन्होंने अपनी 12वीं की परीक्षा में भी 96% अंक हासिल किए. इसके बाद उन्होंने चंडीगढ़ के S.D. कॉलेज से B.Com (ऑनर्स) की पढ़ाई पूरी की और अपने कॉलेज में टॉप किया.
ग्रेजुएशन के साथ की तैयारी
मुस्कान ने अपनी UPSC की तैयारी ग्रेजुएशन के साथ – साथ की. उस समय वह रोजाना 4 से 5 घंटे पढ़ाई करती थी. जहां एक तरफ युवा इस उम्र में मस्ती में घूमते है, वहां मुस्कान ने पढ़ाई पर फोकस किया. उम्र कम होने के कारण वह तुरंत परीक्षा नहीं दे सकती थी इसीलिए उन्होंने एक साल का गैप लेकर अपनी खूब तैयारी की.
साल 2019 में उन्होंने पहली बार UPSC परीक्षा दी और सफलता हासिल की. उन्होंने ऑल इंडिया में 87वीं रैंक हासिल की, जो अपने आप में एक उपलब्धि है. इसके बाद, जब वह इंटरव्यू के लिए गई तो उनका सलेक्शन IAS के लिए हुआ लेकिन उन्होंने भारतीय विदेश सेवा (IFS) को चुना और विदेश में जाने का फैसला लिया.
सफलता का सबसे बड़ा राज
मुस्कान जिंदल की सफलता का सबसे बड़ा राज उनका आत्म – नियंत्रण था. आज के समय में जहां फोन को पढ़ाई का दुश्मन माना जाता है वहां मुस्कान ने इसका सदुपयोग किया. उनका मानना है कि मोबाइल और सोशल मीडिया से पूरी तरह दूर रहने के बजाय युवा पीढ़ी को इसका सीमित और सही उपयोग करना चाहिए.