महेंद्रगढ़ के सरकारी स्कूल की बदली तस्वीर, निजी स्कूल जैसी बनी सुविधाएं

महेंद्रगढ़ | हरियाणा में महेंद्रगढ़ के नारनौल से सराहनीय खबर सामने आई है. बता दें कि खनन कंपनी मैसर्स निर्वाण माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड (पूर्व में एएनई इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड) ने नारनौल के निकट स्थित रघुनाथपुरा गांव के सरकारी प्राथमिक विद्यालय की तस्वीर बदल दी है. कंपनी द्वारा कराए गए विकास कार्यों के बाद स्कूल का स्वरूप किसी निजी विद्यालय जैसा नजर आने लगा है. ग्रामीणों और अभिभावकों ने इस पहल की जमकर सराहना की है. कंपनी ने विद्यालय में व्यापक स्तर पर नवीनीकरण, निर्माण और मरम्मत कार्य कराए.

Narnaul School

नया फर्नीचर कराया गया उपलब्ध

स्कूल भवन का रंग- रोगन कराया गया, पुराने फर्नीचर को बदलकर नया फर्नीचर उपलब्ध कराया गया. साथ ही, बच्चों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार किया गया. इसके अलावा, परिसर में कई अन्य सुविधाएं भी विकसित की गईं, जिससे छात्रों और शिक्षकों को लाभ मिलेगा. स्कूल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान इन कार्यों को औपचारिक रूप से विद्यालय प्रबंधन को सौंप दिया गया. इस अवसर पर हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी विजय चौधरी, एएमई माइनिंग ऑफिस के अनिल कुमार तथा हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एईई अनुज नरवाल बतौर विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे.

चेहरों पर दिखी खुशी

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को भी विशेष सौगात दी गई. कंपनी की ओर से बच्चों को स्कूल यूनिफॉर्म, बैग, जूते, स्टेशनरी और अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई. सामग्री प्राप्त करने के बाद बच्चों के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी. अभिभावकों ने कहा कि इससे जरूरतमंद परिवारों को भी राहत मिलेगी. विद्यालय विकास कार्यक्रम के साथ- साथ कंपनी ने पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए पौधारोपण अभियान भी चलाया. नारनौल स्टोन माइन परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में वैज्ञानिक- सी एवं एफसी एंड सीसी डिवीजन के समन्वयक डॉ. अभिषेक के वर्मा, वैज्ञानिक डॉ. विष्णु प्रसाद साहू और वैज्ञानिक- ई डॉ. परमानंद कुमार विशेष रूप से मौजूद रहे. कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी बड़ी संख्या में भाग लेकर पौधे लगाए.

किया गया पौधारोपण

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया और सभी उपस्थित लोगों ने उनके संरक्षण का संकल्प लिया. वक्ताओं ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक औपचारिकता नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ी जिम्मेदारी है. वहीं, ग्रामीणों के अनुसार कंपनी द्वारा स्कूल और पर्यावरण के लिए किए गए कार्य समाज के लिए प्रेरणादायक हैं. इससे बच्चों को बेहतर सुविधाएं मिली.

Avatar of Sanjucta Pandit
Sanjucta Pandit
View all posts

मेरा नाम संयुक्ता पंडित है. मै हरियाणा ई खबर में बतौर कंटेंट एडिटर के पोस्ट पर लगभग 4 सालों से काम रही हूँ. मेरी हमेशा कोशिश रहती है आप लोगो तक ब्रेकिंग न्यूज़ जल्द से जल्द अपडेट करूं और न्यूज़ में कोई व्याकरण की गलती न हो.