HKRN के तहत कार्यरत अध्यापकों को अब नहीं करना होगा वेतन के लिए इंतजार, सरकार ने निकाला स्थाई समाधान

चंडीगढ़ | हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के तहत काम कर रहें शिक्षकों को वक़्त पर सैलरी मिले, इसके लिए हरियाणा सरकार ने स्थाई समाधान ढूंढ लिया है. बता दें, शिक्षा विभाग ने इसके लिए वर्ष 2024-25 के शैक्षणिक सत्र के लिए 145 करोड़ का बजट जारी किया है. वैसे, पूरे प्रदेश में हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तहत लगभग 15000 से ज्यादा अध्यापक काम कर रहें है.

Haryana Kausal Rojgar Nigam HKRN

अध्यापकों को नहीं करना होगा वेतन का इंतजार

ऐसे में अब इन अध्यापकों को वेतन के लिए इंतजार नहीं करना होगा.  इससे पहले, कई बार अध्यापकों को समय पर वेतन नहीं मिलने के मामले देखने को मिलते रहे हैं. सबसे ज्यादा बजट नूंह को 17 करोड़, सिरसा को 12 करोड़, करनाल को 11 करोड़ और सबसे कम पंचकूला को 1.50 करोड़ का बजट आवंटित हुआ है. शिक्षा विभाग में 25 हजार से ज्यादा पद खाली पड़े है. इन पदों को भरने के लिए हरियाणा कौशल रोजगार निगम ने भर्ती निकाली थी.

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पिछले 3 महीने से नहीं मिली तनख्वाह

पूर्व सीएम मनोहर लाल के वक़्त टीजीटी और पीजीटी की भर्ती की गई थी. एचकेआरएन के तहत भर्ती किए गए शिक्षकों की सैलरी लंबे वक़्त से अटकी हुई थी. इस स्थिति को देखते हुए शिक्षा विभाग की तरफ से एडवांस में बजट जारी किया गया है.

हरियाणा के 6500 से ज्यादा जेबीटी अध्यापकों को पिछले तीन महीने से वेतन नहीं मिला है. वेतन रुकने का कारण पिछले कुछ महीने पहले हुए जेबीटी अध्यापकों के ट्रांसफर को बताया जा रहा है. विभाग ने अध्यापकों के तबादले तो कर दिए गए, मगर अध्यापकों के डाटा को एचआरएमएस पोर्टल पर अपलोड नहीं किया.

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Deepika Bhardwaj
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मेरा नाम दीपिका भारद्वाज है. पिछले साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar वेबसाइट पर राइटर का काम कर रही हूँ. मैं यहाँ हरियाणा व दिल्ली में निकली सरकारी और प्राइवेट नौकरी से जुड़ी जानकारी साझा कर रही हूँ.