नई दिल्ली | हम ऐसे देश में रहते हैं, जहां नौकरी पाना किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं समझा जाता. हालांकि, आधुनिक समय में लोगों के काम करने के तौर- तरीकों में बदलाव आया है. अब लोग सिर्फ नौकरी पर निर्भर नहीं रहते, बल्कि अपने दम पर अलग रास्ते चुनकर बिजनेस में भी सफलता हासिल कर रहे हैं. ऐसे ही एक उदाहरण हैं दिल्ली की सहाना चटर्जी, जिन्होंने आईसीआईसीआई बैंक की नौकरी छोड़ साल 2022 में खुद का बिजनेस शुरू करने का फैसला किया.
इको- फ्रेंडली बैग बनाकर कमा रहीं लाखों
सहाना ने पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए इको- फ्रेंडली बैग बनाने का बिजनेस शुरू किया, जिससे वह आज हर साल 8 से 10 लाख रुपये तक का मुनाफा कमा रही हैं. उनकी कंपनी का नाम ‘सजावट’ है, जिसका टर्नओवर 10 लाख रुपये तक पहुंच चुका है. सहाना बताती हैं कि महिलाओं की साड़ियों और सूटों में पॉकेट नहीं होती, इसलिए उनका बैग ही उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण सामान बन जाता है.
लेदर के बैग को हर जगह ले जाना संभव नहीं होता और यह पर्यावरण के लिए भी हानिकारक माना जाता है. इसीलिए उन्होंने घास और वेस्ट कपड़ों से बैग बनाने का विचार किया. उनके बैग न केवल पर्यावरण के लिए फायदेमंद हैं, बल्कि स्टाइलिश और खूबसूरत भी लगते हैं.
देशभर में बढ़ रही डिमांड
सहाना के बनाए इको- फ्रेंडली बैग की खासियत यह है कि वे किफायती होने के बावजूद बेहद टिकाऊ हैं. इन बैग्स की कीमत 150 रुपये से 1,500 रुपये तक रखी गई है, ताकि हर कोई इन्हें खरीद सके. उनकी बिक्री पूरे देशभर में हो रही है. खासकर जयपुर, राजस्थान, पश्चिम बंगाल और गुजरात में इनके बैग की काफी डिमांड है. दिल्ली में भी विभिन्न प्रदर्शनियों में उनके बैग्स को बेचा जाता है.
