नई दिल्ली | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर के ट्रैफिक जाम से कोई अछूता नहीं है. यहां शहर की सड़कों पर इतनी भीड़- भाड़ हो चुकी है कि कुछ ही मिनटों का सफर तय करने में घंटों का समय लग रहा है. हालांकि, यहां ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने के लिए निरंतर नए प्रयास किए जा रहे हैं.

इसी कड़ी में लोक निर्माण विभाग (PWD) ने एक महत्वाकांक्षी योजना पर काम करते हुए दक्षिणी, उत्तरी और पूर्वी दिल्ली में ट्रैफिक जाम की जकड़न दूर करने के लिए इंटीग्रेटेड ट्रांजिट कॉरिडोर की परियोजना का खाका तैयार किया है जिसके तहत 4 कॉरिडोर को फ्लाईओवर, एलिवेटेड रोड व अंडरपास बनाकर सड़क मार्गों को एक-दूसरे छोर तक जोड़ा जाएगा. इस परियोजना के लिए PWD ने व्यवहार्यता अध्ययन शुरू कर दिया है और जल्द ही सलाहकार नियुक्त किया जाएगा.
इन जगहों पर बनेंगे नए कॉरिडोर
- पहला 9 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर उत्तर दिल्ली के बवाना क्षेत्र में है. यहां औद्योगिक गतिविधियों और मालवाहक वाहनों के चलते अक्सर ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है. यहां फ्लाईओवर निर्माण की योजना बनाई गई है.
- दूसरा 9 किलोमीटर लंबा दक्षिणी दिल्ली का महरौली- महिपालपुर रोड हैं. इस रास्ते पर अरूणा आसफ अली रोड चौराहा भी शामिल हैं. इस रूट पर फ्लाईओवर, अंडरपास और यू-टर्न का भी निर्माण किया जाएगा.
- तीसरा 10 किलोमीटर लंबा आउटर रिंग रोड पर कंझावला चौक से मंगोलपुरी तक हैं. इस पर फ्लाईओवर निर्माण की संभावना तलाश की जा रही है.
- चौथा कॉरिडोर पूर्वी दिल्ली का है. यहां कांति नगर ब्रिज से टाटा टेल्को टी- प्वाइंट तक शाहदरा ट्रेन के ऊपर से 6 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रोड निर्माण की योजना है. यह जीटी रोड से आनंद विहार व गाजीपुर जाने तक की डगर को आसान बनाएगा. अभी लोगों को इन जगहों पर जाने के लिए स्वामी दयानंद मार्ग का इस्तेमाल करना पड़ता है जहां अक्सर ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहने से थोड़ी दूरी के सफर में ज्यादा समय व्यर्थ हो रहा है.
ट्रैफिक जाम से मिलेगा छुटकारा
दिल्ली सरकार ने PWD मंत्री प्रवेश वर्मा ने बताया कि आमजन को सुगम और आरामदायक सफर का अनुभव देने के लिए 34 किलोमीटर लंबे 4 नए कॉरिडोर निर्माण की योजना बनाई गई है. इनके निर्माण से वाहन चालक बिना रुके शहर के एक छोर से दूसरे छोर तक जा सकेंगे. इस परियोजना से लोगों को ट्रैफिक जाम की समस्या से छुटकारा मिलेगा.