चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार की दयालु- 2 योजना अब उन परिवारों के लिए बड़ी राहत बन रही है जिनके घर में आवारा पशुओं या कुत्तों के हमले से कोई बड़ा हादसा हो जाता है. सोनीपत की उपायुक्त नेहा सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ऐसे मामलों में आने वाले आवेदनों पर तुरंत कार्रवाई की जाए, ताकि पीड़ित परिवारों को समय पर आर्थिक सहायता मिल सके.

कैंप कार्यालय में आयोजित दयालु- 2 योजना की समीक्षा बैठक के दौरान उपायुक्त ने कहा कि आवारा पशुओं या कुत्तों के काटने से यदि किसी व्यक्ति की आकस्मिक मृत्यु हो जाती है या वह स्थायी रूप से दिव्यांग हो जाता है, तो उसके परिवार को सरकार की ओर से आर्थिक मदद दी जाता है.
हरियाणा दयालु योजना
इस योजना का लाभ उन परिवारों को मिलेगा जिनकी वार्षिक आय 1 लाख 80 हजार रुपये से कम है और संबंधित व्यक्ति का नाम परिवार पहचान पत्र में दर्ज है. बैठक में गांव बेगा निवासी विकास की मृत्यु से जुड़े मामले पर भी चर्चा हुई. उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आवेदन को जल्द से जल्द चंडीगढ़ मुख्यालय भेजा जाए ताकि पीड़ित परिवार को सहायता राशि मिल सके.
उम्र के अनुसार मिलेगा लाभ
दयालु- 2 योजना के तहत, उम्र के अनुसार आर्थिक सहायता देने का प्रावधान किया गया है. 12 वर्ष तक की आयु के लिए 1 लाख रुपये, 12 से 18 वर्ष तक 2 लाख रुपये, 18 से 25 वर्ष तक 3 लाख रुपये, 25 से 45 वर्ष तक 5 लाख रुपये और 45 वर्ष से अधिक आयु होने पर 3 लाख रुपये तक की सहायता दी जा सकती है. गंभीर चोट या दिव्यांगता की स्थिति में भी सहायता राशि का प्रावधान है. मामूली चोट के मामलों में न्यूनतम 10 हजार रुपये तक की मदद दी जा सकती है.
उपायुक्त ने बताया कि किसी भी दुर्घटना के बाद पीड़ित परिवार या व्यक्ति को 90 दिनों के भीतर पोर्टल पर आवेदन करना जरूरी होगा. जिला स्तर पर गठित समिति आवेदन की जांच करेगी और उसी के आधार पर सहायता राशि मंजूर की जाएगी. हादसे के बाद प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहारा मिल जाएगा.