चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार ने प्रदेश के सभी शहरी निकायों में पार्षद आपातकालीन कोष लागू कर दिया है. इसके साथ ही, शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने इसके संचालन के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) भी जारी कर दी है. इस नई व्यवस्था का उद्देश्य वार्ड स्तर पर होने वाले छोटे लेकिन जरूरी विकास और मरम्मत कार्यों को बिना अनावश्यक देरी के पूरा कराना है.

अब तक कई वार्डों में गली की मरम्मत, नालियों की सफाई, स्ट्रीट लाइट बदलने, पेयजल पाइपलाइन की मरम्मत या अन्य छोटे कार्य प्रशासनिक मंजूरी और फाइलों की प्रक्रिया में लंबे समय तक अटके रहते थे. इसके कारण स्थानीय लोगों को बार-बार शिकायत करनी पड़ती थी और पार्षदों को भी स्वीकृति का इंतजार करना पड़ता था.
हरियाणा सरकार का फैसला
नई व्यवस्था लागू होने के बाद ऐसे जरूरी कार्यों को तेजी से पूरा किया जा सकेगा. इससे वार्ड स्तर पर छोटी समस्याओं का समय रहते समाधान होगा और नागरिकों को जल्द राहत मिलेगी. सरकार का मानना है कि पार्षद आपातकालीन कोष लागू होने से स्थानीय निकायों की कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी होगी और लोगों को बुनियादी सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जा सकेंगी.
लागू हुआ कोष
शहरी स्थानीय निकाय विभाग की ओर से जारी SOP के अनुसार इस कोष का उपयोग केवल जरूरी और जनहित से जुड़े कार्यों के लिए किया जाएगा, ताकि वार्डों में आवश्यक मरम्मत और रखरखाव के काम बिना देरी के पूरे किए जा सकें.