रेवाड़ी | देश के 22वें और हरियाणा के पहले अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) माजरा में इसी साल सितंबर से ओपीडी शुरू होने की संभावना है. एम्स प्रशासन इसके लिए तैयारियों में जुटा है. नए सत्र से एमबीबीएस की क्लास शुरू होगी या नहीं इसे लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है. रेवाड़ी के गांव माजरा में करीब 1700 करोड़ रुपये की लागत से एम्स का निर्माण किया जा रहा है.

परियोजना के तहत 3 प्रमुख बिल्डिंग का निर्माण पूरा हो चुका है और बाकी सुविधाओं को चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय फरवरी में एम्स को 50 एमबीबीएस सीटों के साथ ओपीडी शुरू करने की मंजूरी दे चुका है.
भर्ती प्रक्रिया जारी
ओपीडी शुरू होने के बाद दक्षिणी हरियाणा और राजस्थान से सटे इलाकों, खासकर अहीरवाल बेल्ट के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी. क्षेत्र के लोगों को एम्स शुरू होने का लंबे समय से इंतजार है. निर्माण पूरा होने के बाद यहां देश के दूसरे एम्स की तर्ज पर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है. एम्स प्रशासन ने फरवरी में करीब 1700 विभिन्न पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी. यह प्रक्रिया अभी जारी है. एम्स निदेशक डॉ. डीएन शर्मा ने पहले बताया था कि मई- जून 2026 तक प्रमुख भवनों का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा. विभागों और अन्य सुविधाओं को चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा.
पानी की व्यवस्था पर काम
माजरा एम्स के लिए 750 बेड और एमबीबीएस की 100 सीटों का प्रावधान है. फिलहाल केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय 50 सीटों को मंजूरी दे चुका है. बाकी सीटों की मंजूरी संस्थान के पूरी तरह संचालन में आने के बाद मिलने की संभावना है. एम्स को नहरी पानी उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश सरकार ने 26.83 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है. योजना के तहत रोजाना 1500 किलोलीटर पानी उपलब्ध कराने की तैयारी है. OPD और एमबीबीएस क्लास शुरू होने से पहले सड़क, सीवरेज, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं पूरी करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं.