कुरुक्षेत्र | शहर में करीब 110 साल पुरानी रेलवे लाइन अब इतिहास बनने जा रही है. 5.84 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रेलवे ट्रैक के शुरू होने के बाद पुराने बस स्टैंड से ज्योतिसर तक रेलवे लाइन हटाई जाएगी. इसके बाद करीब 75 एकड़ जमीन खाली होगी. सरकार अब इस जमीन का इस्तेमाल शहर के विकास के लिए करने की तैयारी कर रही है. सरकारी योजना के अनुसार, रेलवे की खाली होने वाली जमीन नगर परिषद को ट्रांसफर या लीज पर दी जा सकती है.
इस जमीन पर मॉर्डन पार्क, पार्किंग, ओपन जिम, वॉकिंग ट्रैक और अन्य जनसुविधाएं विकसित करने की योजना है. स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल ने नगर परिषद, कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड और संबंधित अधिकारियों को इस दिशा में काम करने के निर्देश दिए हैं.
एलिवेटेड रेलवे ट्रैक
कुरुक्षेत्र में एलिवेटेड रेलवे ट्रैक का निर्माण करीब 447 करोड़ रुपये की लागत से हुआ है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 जुलाई को इसका औपचारिक लोकार्पण किया था. करीब 600 मीटर लंबा एलिवेटेड रेलवे प्लेटफॉर्म प्रदेश का पहला ऐसा प्लेटफॉर्म है. एलिवेटेड ट्रैक शुरू होने के बाद शहर के कई पुराने रेलवे फाटक खत्म हो गए हैं. हालांकि झांसा रोड, अंबेडकर चौक और शास्त्री मार्केट के पुराने फाटकों पर फिलहाल बसों और ट्रकों जैसे भारी वाहनों की आवाजाही बंद है.
बराबर होने पर मिलेगी राहत
रेलवे इन स्थानों पर सड़क को नए लेवल के अनुसार तैयार करेगा. ट्रैक के नीचे सड़क की खुदाई कर लेवल बराबर किया जाएगा. भारी वाहनों की आवाजाही दोबारा शुरू होने की उम्मीद है. इससे वाहनों को लंबा चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा और समय व ईंधन दोनों की बचत होगी. नगर परिषद ने जमीन के इस्तेमाल को लेकर शुरुआती रूपरेखा तैयार करना शुरू कर दिया है. अब रेलवे से जमीन ट्रांसफर या लीज पर लेने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी.
करीब 110 साल पहले 1916 में बिछाई गई कुरुक्षेत्र- नरवाना रेलवे लाइन कभी शहर के बाहरी हिस्से से गुजरती थी लेकिन शहर के विस्तार के साथ यह आबादी के बीच आ गई. अब इसके हटने से खाली होने वाली जमीन को शहर के विकास में इस्तेमाल करने की तैयारी है.
