चंडीगढ़ | हरियाणा में जमीन के लेन- देन और राजस्व सेवाओं से जुड़े लोगों के लिए राहत की खबर है. अब भूमि खरीदार, विक्रेता और गवाहों के लिए पहचान साबित करने के लिए आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य नहीं होगा. अगर कोई व्यक्ति आधार से प्रमाणीकरण नहीं कराना चाहता है तो वह पासपोर्ट, प्रवासी भारतीय नागरिक कार्ड (OCI) या परिवार पहचान पत्र के जरिए अपनी पहचान साबित कर सकेगा.

वित्तायुक्त राजस्व एवं राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं. इसके साथ ही राजस्व सेवाओं में आधार को स्वैच्छिक कर दिया गया है. जमीन की रजिस्ट्री समेत संबंधित सेवाओं के लिए नागरिकों को आधार प्रमाणीकरण के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा.
लाभार्थियों को राहत
सरकार ने शहरों में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पंजीकृत छोटे आवासों के हस्तांतरण पर स्टांप शुल्क और रजिस्ट्री फीस में भी बड़ी राहत दी है. प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत पंजीकृत 60 वर्ग मीटर तक के आवासों के हस्तांतरण विलेख के लिए रजिस्ट्री फीस केवल 500 रुपये होगी. इसी तरह स्टांप शुल्क भी 500 रुपये निर्धारित किया गया है.
करना होगा प्रमाणपत्र प्रस्तुत
इस सुविधा का लाभ लेने के लिए खरीदार को आवासन विभाग या पदाभिहित सक्षम प्राधिकारी की ओर से जारी प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा. प्रमाणपत्र में यह स्पष्ट होना चाहिए कि संबंधित व्यक्ति प्रधानमंत्री आवास योजना का पंजीकृत लाभार्थी है. सरकार के इस फैसले से जमीन की रजिस्ट्री और राजस्व सेवाओं के दौरान आधार प्रमाणीकरण को लेकर आने वाली दिक्कतें कम होने की उम्मीद है. वहीं, PMAY- Urban 2.0 के लाभार्थियों को कम शुल्क में आवास हस्तांतरण की सुविधा मिलेगी.