सिरसा | साल 1962, 1965 और 1971 की लड़ाइयों में सैनिक के रूप में देश के लिए मोर्चा संभालने वाले हरियाणा के सिरसा जिले के लालचंद गोदारा ने 85 साल की उम्र में एक और उपलब्धि अपने नाम की है. दरअसल, जिले के नुहियांवाली गांव निवासी लालचंद ने इग्नू से एमए पूरा कर लिया है. उन्होंने 1200 में से 965 अंक हासिल किए हैं. अब उनका इरादा पढ़ाई रोकने का नहीं, बल्कि पीएचडी या लॉ की तरफ आगे बढ़ने का है.
लालचंद की पढ़ाई में वापसी के पीछे उनके पोते- पोतियों की एक बात रही. बच्चे अक्सर उनसे पूछते थे कि वह अपने बेटों से कम क्यों पढ़े और दोबारा पढ़ाई क्यों नहीं करते. यही बात उनके मन में बैठ गई. इसके बाद उन्होंने उम्र को किनारे रखकर अपनी अधूरी पढ़ाई पूरी करने का फैसला किया.
जानें पूरा सफर
लालचंद ने 2012 में मैट्रिक की. इसके बाद इग्नू से पढ़ाई जारी रखी और 2023 में बीए पूरा किया. अब 2026 में एमए की डिग्री भी हासिल कर ली. उनका कहना है कि इससे नौजवानों को यह संदेश मिलेगा कि पढ़ाई की कोई उम्र नहीं होती. लालचंद वर्ष 1962 में सेना में भर्ती हुए थे. उन्होंने 1962, 1965 और 1971 की लड़ाइयों में हिस्सा लिया. सेना की सेवा के बाद 1972 में रोडवेज विभाग में ड्राइवर बने. 2002 में यार्ड मास्टर के पद से रिटायर्ड हुए.
200 से ज्यादा पदक भी जीत चुके
पढ़ाई के साथ लालचंद की पहचान खेलों से भी है. राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में वह 200 से ज्यादा पदक जीत चुके हैं. इनमें करीब 150 स्वर्ण, 30 सिल्वर और 20 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं. 85 साल की उम्र में भी वह दौड़, गोला फैंक और हैमर थ्रो में हिस्सा लेते हैं. वह रोजाना करीब 11 किलोमीटर दौड़ लगाते हैं और 15 अगस्त व 26 जनवरी के जिला स्तरीय कार्यक्रमों की परेड में भी शामिल होते हैं. तीन बेटों के पिता लालचंद फिलहाल छोटे बेटे दलबीर के साथ नुहियांवाली गांव में रहते हैं.
