महेंद्रगढ़ | हरियाणा के महेंद्रगढ़ के बाबा खेतानाथ आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज पटिकरा में पढ़ने वाले बीएएमएस के विद्यार्थियों को अब दवाओं के निर्माण की प्रक्रिया समझने के लिए केवल किताबी पढ़ाई पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. कॉलेज परिसर में आयुर्वेदिक फार्मेसी बनाने की तैयारी है, जहां दवा निर्माण के साथ विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जा सकेगा. इस प्रोजेक्ट पर करीब 15 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है.
फार्मेसी के लिए कॉलेज के अस्पताल भवन के पीछे खाली पड़ी जगह का चयन किया गया है. पीडब्ल्यूडी बीएंडआर विभाग इसकी ड्राइंग तैयार कर चुका है. अब निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
भवन के पीछे बनेगी फार्मेसी
फार्मेसी चालू होने के बाद कॉलेज अपनी जरूरत की आयुर्वेदिक दवाओं का निर्माण परिसर में ही कर सकेगा. इससे दवाओं के लिए दूसरे स्थानों पर निर्भरता कम होगी. जरूरत के अनुसार यहां तैयार दवाओं को अन्य आयुर्वेदिक अस्पतालों तक भी पहुंचाया जा सकेगा. नई सुविधा का फायदा बीएएमएस के विद्यार्थियों को भी मिलेगा. उन्हें आयुर्वेदिक दवाएं तैयार करने और उनकी गुणवत्ता से जुड़ी प्रक्रिया को सीधे समझने का अवसर मिलेगा. कॉलेज में फार्मेसी से जुड़े नए पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी भी की जा रही है.
दो वर्षीय डी-फार्मा आयुर्वेदिक पाठ्यक्रम में दवा निर्माण, गुणवत्ता जांच और वितरण की ट्रेनिंग दी जाती है. इसमें द्रव्य गुण विज्ञान, भैषज्य कल्पना, रस शास्त्र तथा शरीर रचना एवं क्रिया विज्ञान जैसे विषय शामिल हैं.
रोजगार के अवसर
कोर्स के बाद विद्यार्थी आयुर्वेदिक अस्पताल और डिस्पेंसरी में फार्मासिस्ट या कंपाउंडर के रूप में काम कर सकेंगे. दवा निर्माण कंपनियों में क्वालिटी कंट्रोल और खुद की आयुर्वेदिक मेडिकल स्टोर या फार्मेसी शुरू करने का विकल्प भी रहेगा. कॉलेज के प्राचार्य श्रीनिवासन गुर्जरवाल ने बताया कि फार्मेसी की ड्राइंग तैयार है और अब टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी. इससे कॉलेज दवाओं के मामले में अधिक आत्मनिर्भर बनेगा और विद्यार्थियों के लिए रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे.
