ढोल-नगाड़ों के बीच घर पहुंची जींद की बेटी कीर्ति शर्मा, अब इस मेडल पर नजर

जींद | हरियाणा की बेटियां खेल के मैदान में लगातार अपनी अलग पहचान बना रही हैं. किसी के पीछे परिवार की सालों की मेहनत है तो किसी ने छोटी सी उम्र में खेल शुरू करके बड़े मंच तक का सफर तय किया है. इसी बीच जींद के रिटौली गांव की बेटी कीर्ति शर्मा जब देश के लिए गोल्ड मेडल जीतकर अपने घर लौटीं तो पूरे गांव में खुशी का माहौल देखने को मिला.

Kirti Sharma Jind

एशियन गेम्स में तीरंदाजी में गोल्ड मेडल जीतने वाली कीर्ति शर्मा का सोमवार को गांव पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया. ग्रामीण और परिवार के लोग जामनी चौक पर उनका इंतजार कर रहे थे. वहां से ढोल-नगाड़ों के साथ उन्हें घर तक लाया गया.

दादा-दादी की झोली में रखा गोल्ड

घर पहुंचते ही कीर्ति के लिए सबसे खास पल अपने परिवार से मिलने का रहा. मां गुड्डी ने बेटी को चूरमा खिलाया और गले लगाया. इसके बाद कीर्ति ने अपना गोल्ड मेडल दादा रामजुआरी और दादी भरपाई की झोली में रख दिया. उन्होंने दादा को अपना गोल्ड मेडल पहनाया भी. कीर्ति ने बताता कि दादा-दादी घर में सबसे बड़े हैं और उनके आशीर्वाद की वजह से ही वह इस मुकाम तक पहुंच पाई हैं. परिवार ने उन्हें खेल में आगे बढ़ाने के लिए काफी मुश्किलों का सामना किया है, इसलिए इस मेडल पर सबसे पहला हक परिवार का है.

7 साल पहले स्कूल से शुरू किया था खेल

कीर्ति ने करीब 7 साल पहले स्कूल से तीरंदाजी खेलना शुरू किया था. धीरे-धीरे इस खेल में उनकी दिलचस्पी बढ़ती गई और आज तीरंदाजी उनकी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुकी है. गोल्ड जीतने के बाद भी कीर्ति का सफर यहीं रुकने वाला नहीं है. उनका अगला बड़ा सपना ओलंपिक में देश के लिए गोल्ड मेडल जीतना है. वह भविष्य में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ज्यादा से ज्यादा पदक जीतना चाहती हैं.

बेटियों को आगे बढ़ने से न रोकें परिवार

खास बात यह है कि अपनी जीत के बाद कीर्ति ने दूसरी बेटियों और उनके परिवारों के लिए भी संदेश दिया. उन्होंने कहा कि कई जगह आज भी बेटियों को घर से बाहर निकलने या खेल में आगे बढ़ने का पूरा मौका नहीं मिल पाता. उन्होंने परिवारों से बेटियों को खेल में आगे बढ़ने से नहीं रोकने की अपील की. साथ ही, खिलाड़ियों, खासकर बेटियों के लिए और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी रखी.

कीर्ति के पिता विजय शर्मा भी बेटी की जीत से काफी खुश नजर आए. उनके मुताबिक, उनका सपना था कि बेटी एशियन गेम्स से गोल्ड लेकर लौटे और अब यह सपना पूरा हो गया है. उनका अगला सपना कीर्ति को ओलंपिक में देश के लिए गोल्ड जीतते देखना है.

Avatar of Sanjukta Pandit
Sanjukta Pandit
View all posts

मेरा नाम संयुक्ता पंडित है. मै हरियाणा ई खबर में बतौर एडिटर के पोस्ट पर लगभग 4 सालों से काम रही हूँ. मेरी हमेशा कोशिश रहती है आप लोगो तक ब्रेकिंग न्यूज़ जल्द से जल्द अपडेट करूं और न्यूज़ में कोई व्याकरण की गलती न हो.