चंडीगढ़ | किसी शहर में जब नया रेलवे या मेट्रो स्टेशन बनता है तो बदलाव सिर्फ सफर तक सीमित नहीं रहता. स्टेशन के आसपास दुकानें, ऑफिस, होटल और रहने के लिए नई सोसायटी भी बनने लगती हैं. अब हरियाणा में प्रस्तावित नमो भारत कॉरिडोर के साथ भी कुछ इसी तरह शहरों को विकसित करने की तैयारी की जा रही है. बता दें कि हरियाणा सरकार ने दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत कॉरिडोर को ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) के दायरे में शामिल किया है.

इसके तहत रैपिड रेल स्टेशनों के आसपास हाउसिंग सोसायटी, कमर्शियल कॉम्प्लेक्स, होटल, शॉपिंग मॉल, ऑफिस और मनोरंजन से जुड़ी सुविधाएं विकसित करने का रास्ता खुलेगा. इससे इन इलाकों में कारोबार और रोजगार के नए अवसर भी बन सकते हैं.
दिल्ली से करनाल का कॉरिडोर
दिल्ली से करनाल तक प्रस्तावित नमो भारत कॉरिडोर करीब 136 किलोमीटर लंबा होगा. इसकी शुरुआत सराय काले खां से होगी और ट्रेन कुंडली, सोनीपत, गन्नौर और पानीपत होते हुए करनाल तक पहुंचेगी. इस कॉरिडोर के शुरू होने के बाद दिल्ली से करनाल का सफर करीब डेढ़ घंटे में पूरा होने की उम्मीद है. परियोजना पर करीब 33 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, जिसमें हरियाणा सरकार की हिस्सेदारी करीब 7,472 करोड़ रुपये बताई गई है.
प्रस्तावित रूट में दिल्ली के सराय काले खां और नरेला के बाद हरियाणा में कुंडली, बहालगढ़ चौक, मुरथल, गन्नौर, बरही और KMP क्षेत्र शामिल हैं. इसके बाद समालखा, सेवाह और पानीपत सिटी होते हुए कॉरिडोर कोहांड, घरौंडा, करनाल ISBT, सेक्टर-7 और करनाल बाईपास तक जाएगा.
स्टेशन के आसपास बढ़ेगा FAR
TOD नीति के तहत नमो भारत स्टेशनों के आसपास जमीन का बेहतर इस्तेमाल करने पर जोर रहेगा. यहां डेवलपर्स को अधिक Floor Area Ratio यानी FAR की सुविधा मिल सकेगी. इससे कम जगह में बहुमंजिला आवासीय और कमर्शियल प्रोजेक्ट विकसित किए जा सकेंगे. कॉरिडोर के लिए जरूरत पड़ने पर निजी जमीन की सीधी खरीद से जुड़ी नीति भी तय की गई है.
नमो भारत रूट से भी बनेगा नेटवर्क
आगे चलकर दिल्ली-पानीपत-करनाल कॉरिडोर को NCR के दूसरे प्रस्तावित नमो भारत रूट से जोड़ने की योजना है. सराय काले खां पहले से दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर का प्रमुख स्टेशन है. इसी जगह से अलग-अलग कॉरिडोर जुड़ने पर दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के बीच बड़ा रैपिड रेल नेटवर्क तैयार हो सकेगा. वहीं, हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन के अनुरोध के बाद पहले प्रस्तावित सराय काले खां-गुरुग्राम-शाहजहांपुर-नीमराना-बहरोड़ कॉरिडोर के अलाइनमेंट में बदलाव कर इसे सराय काले खां-गुरुग्राम-बावल कॉरिडोर के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है.
स्टेशन के आसपास नए आवासीय और व्यावसायिक प्रोजेक्ट आने से पानीपत, सोनीपत और करनाल जैसे शहरों में आने वाले समय में तेजी से बदलाव देखने को मिल सकता है.