चंडीगढ़ | हरियाणा में बिजली से जुड़े बड़े फैसलों में हरियाणा विद्युत नियामक आयोग की अहम भूमिका रहती है. पिछले कुछ समय से HERC आयोग के अध्यक्ष की कुर्सी खाली है और अब इस पद को भरने की प्रक्रिया तेज हो गई है. खास बात यह है कि एक पद के लिए बड़ी संख्या में अधिकारियों और दूसरे योग्य उम्मीदवारों ने अपनी दावेदारी पेश की है.

HERC के नए अध्यक्ष पद के लिए सरकार के पास कुल 78 आवेदन पहुंचे हैं. इनमें मौजूदा गृह सचिव सुधीर राजपाल, हाल ही में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव पद से रिटायर हुए अरुण गुप्ता और सेवानिवृत्त IAS अधिकारी राजा शेखर वुंडरू के नाम प्रमुख तौर पर सामने आए हैं.
आवेदनों की होगी छंटनी
आवेदन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब ऊर्जा विभाग की कमेटी इन सभी नामों की जांच करेगी. योग्यता और तय नियमों के आधार पर उम्मीदवारों को छांटकर एक पैनल तैयार किया जाएगा. इसी पैनल से आगे नए अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया बढ़ेगी. फिलहाल, किसी एक नाम पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है. प्रक्रिया तय समय पर आगे बढ़ती है तो अगले महीने तक HERC को नया अध्यक्ष मिलने की संभावना है.
जुलाई से खाली पद
HERC के तत्कालीन अध्यक्ष नंदलाल शर्मा का 23 जुलाई को निधन हो गया था. इसके बाद से आयोग में अध्यक्ष का पद खाली चल रहा है. सरकार ने खाली पद को भरने के लिए आवेदन मांगे थे और इसके लिए 5 अक्टूबर आखिरी तारीख रखी गई थी. अध्यक्ष पद के लिए केवल प्रशासनिक अनुभव ही काफी नहीं है. उम्मीदवार के पास ऊर्जा, इंजीनियरिंग, वित्त एवं वाणिज्य, अर्थशास्त्र, कानून या प्रबंधन जैसे निर्धारित क्षेत्रों में अनुभव होना जरूरी है.
वहीं, गृह सचिव सुधीर राजपाल 30 नवंबर को सेवानिवृत्त होने वाले हैं. अरुण गुप्ता 30 सितंबर को मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं. अब सभी आवेदनों की जांच के बाद बनने वाले पैनल पर नजर रहेगी, जिसके आधार पर HERC के अगले अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी.