चंडीगढ़ | हरियाणा के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छोटे बच्चों के लिए साफ-सुथरा माहौल होना बेहद जरूरी है। कई प्राथमिक विद्यालयों में सफाई कर्मचारियों की कमी के कारण शौचालयों, खेल के मैदानों और स्कूल परिसर की नियमित सफाई में परेशानी आती है। अब प्रदेश सरकार ने ऐसे स्कूलों की सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए नई पहल की है।

हरियाणा शिक्षा विभाग ने स्वच्छ प्रांगण योजना के तहत सरकारी प्राथमिक विद्यालयों के लिए बजट जारी किया है। जिन स्कूलों में अंशकालिक सफाई कार्यकर्ता नहीं हैं, उन्हें हर महीने 8000 रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे। इस राशि का इस्तेमाल स्कूल परिसर की साफ-सफाई और रखरखाव के लिए किया जाएगा।
इन कामों पर खर्च होंगे 8000 रुपये
शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा के अनुसार, योजना के तहत मिलने वाली राशि से स्कूलों में हाउसकीपिंग, शौचालयों और छतों की सफाई कराई जाएगी। इसके अलावा, खेल के मैदानों का रखरखाव और बारिश के पानी की निकासी से जुड़े इंतजाम भी किए जा सकेंगे। इस व्यवस्था से उन विद्यालयों को राहत मिलेगी, जहां नियमित सफाई के लिए अंशकालिक कर्मचारी उपलब्ध नहीं हैं।
जारी हुआ बजट
वहीं, शिक्षा विभाग ने योजना की राशि सीधे जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को जारी की है। इन अधिकारियों को संबंधित विद्यालयों तक बजट जल्द पहुंचाने और निर्धारित कार्य पूरे कराने की जिम्मेदारी दी गई है। शिक्षा मंत्री ने जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों, खंड शिक्षा अधिकारियों, खंड मौलिक शिक्षा अधिकारियों और स्कूल प्रमुखों को बजट का समय पर उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। स्कूल प्रबंधन समितियों के प्रधानों को भी सफाई व्यवस्था बेहतर बनाने में सहयोग करने के लिए कहा गया है।