कुरुक्षेत्र | हरियाणा के किसान अब खेती के पुराने तरीकों के साथ नई मशीनों और आधुनिक तकनीकों का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे फसलों की पैदावार बढ़ाने के साथ खेती में लगने वाली मेहनत कम करने में मदद मिल रही है। इसी बीच कुरुक्षेत्र जिले के एक किसान ने गन्ने की शानदार पैदावार हासिल कर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है।

लाडवा खंड के गांव बूढ़ा निवासी किसान कुलदीप सिंह को उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित राष्ट्रीय शर्करा संस्थान ने सम्मानित किया है। उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों की मदद से प्रति हेक्टेयर 1365 क्विंटल गन्ने की पैदावार हासिल करने पर यह पुरस्कार दिया गया है।
देश के 13 किसानों में हुआ चयन
कानपुर में आयोजित कार्यक्रम में देशभर के 13 प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया। इनमें हरियाणा के दो किसान भी शामिल रहे। कुलदीप सिंह को कानपुर के सांसद रमेश अवस्थी और संस्थान की निदेशक सीमा ने पुरस्कार प्रदान किया। कुलदीप के अनुसार, इस उपलब्धि में सरस्वती शुगर मिल यमुनानगर का भी सहयोग रहा है।
550 क्विंटल तक पैदावार
कुलदीप पिछले तीन वर्षों से लगातार प्रति एकड़ करीब 550 क्विंटल तक गन्ने की पैदावार लेने का दावा करते हैं। उन्होंने बताया कि खेती में मशीनों का सही इस्तेमाल, समय पर जरूरी काम और फसल की देखभाल बेहतर उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वहीं, आधुनिक तकनीकों को अपनाने से खेती की लागत और मेहनत कम करने में भी मदद मिल सकती है।
किसानों को दी यह सलाह
कुलदीप सिंह का कहना है कि किसानों को परंपरागत खेती के साथ वैज्ञानिक तरीकों को भी अपनाना चाहिए। इसके अलावा कृषि विशेषज्ञों की सलाह लेकर फसल की जरूरत के अनुसार काम करना चाहिए। उनकी उपलब्धि पर रिंकू छाबड़ा, बलदेव मलिक और गांव के पूर्व सरपंच मेघराज सिंह सहित क्षेत्र के किसानों ने खुशी जताई है।