पंचकूला | हरियाणा के पंचकूला में इस बार दीवाली का जश्न कुछ कर्मचारियों के लिए जिंदगी भर याद रहने वाला बन गया। जहां ज्यादातर कंपनियां त्योहार पर बोनस, मिठाई या गिफ्ट हैम्पर देती हैं, वहीं एक निजी कंपनी ने अपने चार कर्मचारियों को नई Kia Sonet कार भेंट कर उन्हें खास सरप्राइज दिया। कार की चाबी मिलते ही कर्मचारियों के चेहरे पर खुशी साफ नजर आई और पूरे ऑफिस का माहौल जश्न में बदल गया।

मेहनत का इनाम कार के रूप में मिला
पंचकूला स्थित मिट्स हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड ने अपने चार कर्मचारियों को दीवाली के अवसर पर Kia Sonet कारें देकर सम्मानित किया। कंपनी के फाउंडर एमके भाटिया और सीईओ शिल्पा चंदेल ने खुद कर्मचारियों को कारों की चाबियां सौंपीं।
कंपनी का कहना है कि यह फैसला उन कर्मचारियों की मेहनत और लगातार बेहतर प्रदर्शन को देखते हुए लिया गया, जिन्होंने लंबे समय तक पूरी जिम्मेदारी के साथ अपने काम को निभाया।
इन कर्मचारियों को मिली नई कार
इस खास सम्मान के लिए चार कर्मचारियों का चयन किया गया। जिन लोगों को नई Kia Sonet मिली, उनमें नितिन, निर्मल, वीनस और गुरवीर शामिल हैं। कार मिलने के बाद सभी कर्मचारियों ने कंपनी प्रबंधन का आभार जताया और इसे अपने करियर का यादगार पल बताया।
18 महीने पूरे करने वालों को मिला मौका
कंपनी ने इस योजना के लिए एक शर्त भी तय की थी। केवल वही कर्मचारी इस पुरस्कार के लिए पात्र थे जिन्होंने कंपनी में कम से कम 18 महीने तक लगातार काम किया हो। प्रबंधन का मानना है कि लंबे समय तक ईमानदारी और समर्पण के साथ काम करने वाले कर्मचारियों को अलग तरीके से प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
इस बार बदली गई पुरानी व्यवस्था
एमके भाटिया ने बताया कि पिछले चार वर्षों से कंपनी कर्मचारियों को कार देने की पहल करती रही है, लेकिन पहले इसका तरीका अलग था। पहले कर्मचारियों के लिए कार ईएमआई पर खरीदी जाती थी। कर्मचारी डाउन पेमेंट के बाद मासिक किस्त चुकाते थे, जबकि कंपनी उनके वेतन में उतनी ही राशि बढ़ा देती थी ताकि ईएमआई का बोझ महसूस न हो।
हालांकि इस बार कंपनी ने नई व्यवस्था लागू की। अब एक कर्मचारी को करीब पांच लाख रुपये तक की कार पूरी तरह बिना किसी भुगतान के देने का फैसला किया गया है।
कर्मचारियों का सम्मान बढ़ाने की पहल
कंपनी प्रबंधन का कहना है कि किसी भी संस्था की सफलता उसके कर्मचारियों की मेहनत पर टिकी होती है। जब लोग पूरे साल लगन और ईमानदारी से काम करते हैं तो उनके योगदान को पहचानना भी जरूरी हो जाता है।
दीवाली पर दिया गया यह तोहफा सिर्फ एक कार नहीं, बल्कि कर्मचारियों के प्रति भरोसे और सम्मान का प्रतीक माना जा रहा है। ऐसी पहल न केवल कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाती है, बल्कि दूसरे कर्मचारियों को भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करती है।