हिसार | हरियाणा के हिसार में बढ़ते ट्रैफिक और भारी वाहनों की आवाजाही से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। बता दें कि शहर के चारों ओर रिंग रोड बनने से स्थानीय लोगों का सफर आसान हो सकता है। साथ ही, राजस्थान, पंजाब और चंडीगढ़ की ओर जाने वाले वाहन चालकों को भी फायदा मिलेगी। दरअसल, हिसार रिंग रोड परियोजना को लेकर सरकार के सामने अब जमीन अधिग्रहण के लिए 1500 करोड़ रुपये जुटाने की चुनौती है।

इस राशि की व्यवस्था करने के लिए गठित चार सदस्यीय कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। अब सरकार को तय करना है कि परियोजना के लिए किस वित्तीय विकल्प को मंजूरी दी जाए।
सरकार के सामने 2 ऑप्शन
पहले विकल्प के तहत केंद्र और हरियाणा सरकार 750-750 करोड़ रुपये दे सकती हैं। दूसरे विकल्प में जमीन की रजिस्ट्री से मिलने वाले टैक्स राजस्व का 2 प्रतिशत हिस्सा 15 साल तक भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को देने पर विचार किया जा रहा है। जीएसटी राजस्व के इस्तेमाल का विकल्प भी चर्चा में है। प्रस्तावित रिंग रोड करीब 41 किलोमीटर लंबा होगा। इसके जरिए राजगढ़ रोड को चंडीगढ़ रोड से जोड़ने की योजना है। इससे शहर के भीतर भारी वाहनों का दबाव कम करने और बाहरी यातायात को बेहतर रास्ता देने में मदद मिल सकती है।
इन गांवों की जमीन अधिग्रहित
परियोजना के लिए मुकलान, देवा, हरिकोट, कैमरी, लाडवा, भगाना, मय्यड़, खरड़, नियाणा, धान्सू और तलवंडी राणा सहित गांधी नगर क्षेत्र की जमीन अधिग्रहित करने की योजना है। जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करने से पहले वित्तीय व्यवस्था को अंतिम रूप देना जरूरी होगा। मंत्री रणबीर गंगवा के अनुसार, कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है और वित्तीय विकल्पों पर इसी महीने फैसला लेने की उम्मीद है।
उन्होंने जनवरी तक जमीन अधिग्रहण शुरू करने की संभावना जताई है। योजना के मुताबिक, वर्ष 2027 में परियोजना को आगे बढ़ाने की तैयारी है। हालांकि, काम की समयसीमा सरकारी फैसले और अधिग्रहण की प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।