चंडीगढ़ | हरियाणा में किसानों को फसल बेचने से पहले पंजीकरण और सत्यापन के लिए काफी भागदौड़ करनी पड़ती है। कई बार फसल के रिकॉर्ड का मिलान नहीं होने से भी परेशानी आती है। अब किसानों को इस समस्या से राहत देने के लिए नई व्यवस्था तैयार की जा रही है। बता दें कि हरियाणा का राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग आगामी रबी सीजन के लिए ई-भूमि पोर्टल शुरू करेगा।

इसके जरिए किसान खुद खेत में खड़ी फसल का पंजीकरण और सत्यापन कर सकेंगे। इससे फसल सत्यापन में देरी और रिकॉर्ड में गड़बड़ी की समस्या कम होने की उम्मीद है। आइए अब पढ़ते हैं विस्तार से यहां…
किसान खुद अपलोड कर सकेंगे फोटो
ई-भूमि पोर्टल पर किसान अपनी फसल का विवरण दर्ज करने के साथ खेत में खड़ी फसल की फोटो भी अपलोड कर सकेंगे। इसके लिए करीब 20 मीटर की दूरी से तस्वीर लेने की व्यवस्था होगी, ताकि फसल का प्रमाण उपलब्ध रहे। इस जानकारी का इस्तेमाल फसल सत्यापन और रिकॉर्ड के मिलान में किया जाएगा। इस व्यवस्था के तहत किसानों को भूमि पासबुक मिलेगी, जिसे राजस्व विभाग के पोर्टल से डाउनलोड किया जा सकेगा।
हालांकि, यह सुविधा उन्हीं किसानों को मिलेगी जिनकी एग्रीस्टैक किसान आईडी बन चुकी है। केंद्र सरकार के निर्देश पर प्रदेश में एग्रीस्टैक आईडी बनाने का काम जारी है।
फसल बेचने में होगी आसानी
हरियाणा में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर फसल बेचने के लिए मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर करीब 10 लाख किसान पंजीकरण कराते हैं। नई व्यवस्था लागू होने से फसल के विवरण का मिलान आसान होगा और मिसमैच के कारण होने वाली परेशानी कम हो सकती है। किसानों को सत्यापन के लिए पटवारियों के चक्कर भी नहीं काटने पड़ेंगे।
नंबर से जुड़ेगी किसान आईडी
एग्रीस्टैक आईडी में किसान का आधार नंबर और मोबाइल नंबर जुड़ा होगा। पंजीकरण और सत्यापन से संबंधित ओटीपी व संदेश मोबाइल पर मिलेंगे। इससे फसल का रिकॉर्ड व्यवस्थित रहेगा और हर साल की बिक्री का आधिकारिक ब्योरा भी किसान के पास उपलब्ध हो सकेगा। हरियाणा भू-अभिलेख निदेशालय के निदेशक डॉ. यशपाल के अनुसार, आगामी रबी सीजन में फसल पंजीकरण, सत्यापन और मिसमैच की समस्या दूर करने के लिए ऐसी तकनीक तैयार की जा रही है, जिससे किसान खुद ये काम कर सकें।