पंचकूला | किसी कर्मचारी की सालों की सेवा पूरी होने पर उसे सम्मान के साथ विदाई देना बड़ी बात होती है लेकिन हरियाणा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रिटायरमेंट के इस मौके पर ऐसा कदम उठाया, जिसने सरकारी दफ्तरों में बॉस और कर्मचारी के रिश्ते को एक नया नजरिया दिया। बता दें कि हरियाणा विकास एवं पंचायत विभाग के निदेशक और आईएएस अधिकारी सुशील सारवान ने हरियाणा रूरल डेवलपमेंट फंड (HRDF) बोर्ड में ड्राइवर रहे यब्बू प्रसाद पांडे को उनकी सेवानिवृत्ति पर खुद गाड़ी चलाकर घर पहुंचाया।

अधिकारी के इस व्यवहार ने वहां मौजूद लोगों का ध्यान खींचा। यब्बू प्रसाद पांडे ने 28 अप्रैल 1993 को हरियाणा सरकार में नौकरी शुरू की थी। करीब 33 साल 6 महीने तक अलग-अलग कार्यालयों में सेवाएं देने के बाद 31 अक्टूबर 2026 को वह सेवानिवृत्त हो गए।
कर्मियों से बहुत कुछ सीखा
अपने लंबे कार्यकाल में उन्हें कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों, मुख्य सचिवों और अतिरिक्त मुख्य सचिवों के साथ काम करने का अवसर मिला। विदाई के दौरान पांडे ने कहा कि सरकारी नौकरी उनके जीवन का अहम हिस्सा रही है। इस दौरान उन्हें वरिष्ठ अधिकारियों और साथ काम करने वाले कर्मचारियों से काफी कुछ सीखने को मिला।
उन्होंने आरके तेजा, आरके वर्मा, आरपी चंद्रा, हरदीप कुमार, अमिलश लिखी, एसके मोगा, अमित झा, अनुराग रस्तोगी, शिव रमन गौड़, उर्वशी गुलाटी, पी. राधाकृष्ण राव, राम निवास, नवराज सिद्धू और सुधीर राजपाल समेत कई अधिकारियों का आभार जताया।
दिया सम्मान का संदेश
पांडे ने भावुक होकर कहा कि सरकारी जिम्मेदारियों से भले ही उनका सफर खत्म हो रहा है, लेकिन अधिकारियों और सहकर्मियों के साथ बने रिश्ते हमेशा कायम रहेंगे। वहीं, सुशील सारवान का खुद गाड़ी चलाकर उन्हें घर छोड़ना इस विदाई का सबसे खास पल बन गया।