अंबाला | हरियाणा में राज्यसभा की 2 सीटों पर होने वाले चुनावों के लिए प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने भी अपने पत्ते खोल दिए हैं. पार्टी ने एससी समुदाय से ताल्लुक रखने वाले कर्मवीर सिंह बौद्ध को अपना उम्मीदवार घोषित किया है. बताया जा रहा है कि खुद राहुल गांधी ने उनके नाम का सुझाव दिया था.
कर्मवीर सिंह बौद्ध का राजनीतिक बैकग्राउंड
अंबाला निवासी कर्मवीर बौद्ध साल 2021 में हरियाणा सिविल सचिवालय से सुपरिंटेंडेंट के पद से रिटायर हुए थे. अब कांग्रेस हाईकमान ने उनके नाम पर सहमति जताते हुए राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया है. राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के दौरान भी वे कंधे से कंधा मिलाकर चलते नजर आए थे. कर्मवीर सिंह बौद्ध कांग्रेस पार्टी में किसी भी गुट या खेमे से नहीं जुड़े हुए हैं. यहीं कारण है कि उन्हें संगठन के भीतर एक संतुलित और सर्व स्वीकार्य चेहरे के रूप में देखा जा रहा है.
क्या कहता है समीकरण?
राज्यसभा की 1 सीट पर चुनाव जीतने के लिए 31 वोटों की जरूरत होती है. ऐसे में पूरी संभावना है कि कांग्रेस व BJP के खाते में एक- एक सीट आएगी. वर्तमान में कांग्रेस के पास 37 विधायक हैं जबकि बीजेपी के पास 47 विधायक हैं और तीन निर्दलीय विधायकों का समर्थन प्राप्त है. भारतीय जनता पार्टी को दूसरी सीट पर जीत उसी स्थिति में हासिल हो सकती है, जब कांग्रेस पार्टी के 9 विधायक क्रॉस वोटिंग करें जिसकी संभावना नाममात्र ही दिखाई दे रही है.
BJP ने पूर्व सांसद को बनाया उम्मीदवार
हरियाणा में दो सीटों पर होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने करनाल लोकसभा सीट से पूर्व में सांसद रहे संजय भाटिया को अपना उम्मीदवार घोषित किया है. वहीं, निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर सतीश नांदल ने भी राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल कर हरियाणा की राजनीति को गर्मा दिया है. उन्हें तीन निर्दलीय विधायकों देवेंद्र कादियान, राजेश जून और सावित्री जिंदल का समर्थन प्राप्त है.
अब देखना दिलचस्प होगा कि विधानसभा में मौजूदा विधायकों की संख्या के आधार पर बीजेपी और कांग्रेस एक- एक सीट पर जीत हासिल करती है या क्रॉस वोटिंग से कांग्रेस का खेल बिगाड़ने की योजना चल रही है.
