बेरोजगारी दर के साथ-साथ महंगाई दर में भी हरियाणा पहुंचा शीर्ष पर

चंडीगढ । आप सभी जानते हैं कि देश में कोरोना संकट छाया हुआ है.कोरोना के चलते ही आम लोग महंगाई की मार भी झेल रहे हैं. दिसंबर2021 में देश की खुदरा महंगाई दर 5.59% थी. यह 6 महीनों का उच्च स्तर है.इससे पहले जुलाई 2021 में भी महंगाई दर यही थी. सरकार द्वारा जब महंगाई दर के आंकड़े जारी किए गए हरियाणा प्रदेश से महंगाई दर में भी शीर्ष स्तर पर पहुंच गया है.

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हरियाणा में दिसंबर की महंगाई दर 6.64% थी नवंबर में हरियाणा 6.04% महंगाई दर के साथ पूरे देश में छठे स्थान पर था. यह भी देखने को मिल रहा है कि हरियाणा के शहरों से अधिक ग्रामीण क्षेत्रों में महंगाई दर ज्यादा है.हरियाणा बेरोजगारी में भी नंबर वन पर पहुंच गया है. और अब महंगाई दर में भी यह शीर्ष पर है जो एक चिंता का विषय है. हरियाणा में दिसंबर माह में बेरोजगारी दर 34.1% रही है.

शहरों से ज्यादा गांव में है महंगाई

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के जारी रिपोर्ट के अनुसार दिसंबर माह में ग्रामीण क्षेत्र की महंगाई दर 7.69% थी जबकि शहरी क्षेत्रों में महंगाई दर 5.53% रही. पिछले साल के मुकाबले दूध,फल, चीनी,मिठाई, खाद्य तेल शिक्षा, इत्यादि सब महंगे हो गए हैं.

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जो उम्मीदवार हरियाणा में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं उनके लिए यह डबल बार साबित हो रही है. आप सभी जानते हैं कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा अभी हाल ही में कई भरतिया रद्द कर दी गई है. आयोग द्वारा जो परीक्षा आयोजित हुई उनमें भी खूब भ्रष्टाचार देखने को मिला.

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लगभग 12 लाख युवा सरकारी नौकरी की बाट जोह रहे थे और आयोग द्वारा उनके सपनों पर पानी फेर दिया गया. एचएसएससी ने लगभग 41000 पदों को वापस ले लिया है. तथा यह घोषणा की गई है कि यह सभी भर्तियां कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट के बाद होंगी. संभावना है कि CET अप्रैल माह में हो सकता है. आयोग ने जो पद विभागों को वापस किए हैं उनमें से 9376 पदों के लिए विज्ञापन जारी हुए तथा लगभग 12 लाख आवेदकों ने इनके लिए आवेदन किये.

भर्तियां रद्द होने से युवाओं का छलक  रहा है दर्द 

जो युवा कई वर्षों से इन नौकरियों के लिए भटक रहे हैं उनके यह भर्ती रद्द होना उनके दर्द का सबब बन गया है.नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं का कहना है कि आयोग लगातार भर्तियों को रद्द कर रहा है जैसे ग्राम सचिव की परीक्षा दो से तीन बार रद्द हो चुकी है. कुछ युवा 2 साल से इन परीक्षाओं का इंतजार कर रहे हैं तो कुछ 8 साल से. उनका कहना है कि आयोग परीक्षा नहीं करा रहा और उनकी उम्र भी निकली जा रही है. उम्मीदवारों का कहना है कि इन परीक्षाओं की तैयारी के लिए युवा पैसे भी खर्च कर रहे हैं लेकिन समय आते ही परीक्षा रद्द कर दी जाती है.

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