चंडीगढ़ | हरियाणा की नायब सैनी सरकार ने जमीन-जायदाद से जुड़े कामों में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने और राजस्व विभाग को पूरी तरह डिजिटल करने का फैसला लिया है. अब जमीन की रजिस्ट्री होते ही इंतकाल (मूटेशन) ऑटो मोड पर चला जाएगा, यानि नामांतरण के लिए अलग से आवेदन की जरूरत नहीं होगी.

नई व्यवस्था होगी लागू
नेशनल इंफारमेटिक्स सेंटर (NIC) की टीम अगले महीने राजस्व मंत्री व मुख्य सचिव को रिव्यू देगी. इसके बाद नई व्यवस्था लागू होगी. नई व्यवस्था के तहत पेपरलेस रजिस्ट्री के 10 दिनों के भीतर इंतकाल दर्ज किया जाएगा. जैसे ही रजिस्ट्री की प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी होगी, संबंधित दस्तावेज स्वत: ही इंतकाल के लिए सिस्टम में ट्रांसफर हो जाएंगे.
सीएम नायब सैनी के निर्देशानुसार सॉफ्टवेयर को अपडेट किया जा रहा है. 27 दिन में 50 हजार से ज्यादा रजिस्ट्रियां हो चुकीं हैं. हजारों की संख्या में पुराने इंतकाल लंबित हैं, जिन्हें 30 दिनों के भीतर खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है.
पटवारी की नहीं पड़ेगी जरूरत
NIC की टीम तकनीकी पहलुओं पर काम कर रही है ताकि जैसे ही तहसील स्तर पर रजिस्ट्री लॉक हो, उसकी सूचना स्वत: ही संबंधित क्षेत्र के पटवारी और कानूनगो के डेशबोर्ड पर रिफ्लेक्ट होगी. वहीं, प्रदेश स्तर पर राजस्व विभाग के मुख्य सॉफ्टवेयर B हैरिस को अपडेट किया जा रहा है. इसका लक्ष्य रजिस्ट्री के डेटा को सीधे इंतकाल मॉड्यूल के साथ लिंक करना है.
इन मामलों में रूक सकता है इंतकाल
- कोर्ट में लंबित विवाद
- दस्तावेजों में त्रुटि
- मालिकाना हक पर आपत्ति
- ऐसे मामलों में जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी