चंडीगढ़ | हरियाणा में महिलाओं के लिए एक और अच्छी खबर सामने आई है. बता दें कि सोमवार यानि कल हरियाणा विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाया गया था जिसमें मुख्यमंत्री नायब सैनी ने महिलाओं के हित में एक और बड़ा फैसला लेते हुए उन्हें राहत पहुंचाने का काम किया है. यह राहत भरा फैसला दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ उठा रही महिलाओं से जुड़ा हुआ है.

लाडो लक्ष्मी योजना को लेकर नई अपडेट
नारी शक्ति वंदन अधिनियम विधेयक पर बोलते हुए मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि यदि सरकार जनगणना और परिसीमन का इंतजार करती तो 2029 में महिलाओं को 33% का आरक्षण नहीं मिलता. महिलाओं को समय पर लाभ देने के लिए ही इस विधेयक को लोकसभा में पेश किया गया था लेकिन यह पास नहीं हो पाया.विपक्ष की राजनीति का दोहरा चरित्र देश के सामने उजागर हुआ. विपक्ष ने परिसीमन के नाम पर झूठ और भ्रम फैलाया और कहा कि इससे कुछ राज्यों को नुकसान होगा.
दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के तहत अब तक 6 किस्तें महिलाओं के बैंक खातों में जमा हो चुकी है. इस योजना पर बड़ी घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के किसी भी लाभार्थी परिवार का बीपीएल राशन कार्ड रद्द नहीं किया जाएगा. विपक्ष इसको लेकर बेवजह का भ्रम फैला रहा है. हमारी सरकार लगातार महिलाओं को सशक्त करने का काम कर रही है.
हुड्डा ने साधा निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भुपेंद्र हुड्डा ने कहा कि जहां तक महिला बिल का सवाल है, वह तो पास हो ही गया था. देश में सर्वसहमति से पास हो गया था लेकिन नियत का सवाल है, बीजेपी सरकार की नियत नहीं है महिलाओं को आरक्षण देने की. नियत होती तो इसको डिले नहीं करते.
उन्होंने कहा कि अगर कोई अमेंडमेंट लाना था तो उसमें पहले विपक्ष की सब ऑल- पार्टी मीटिंग बुलानी चाहिए थी, उससे सलाह करनी चाहिए थी क्योंकि दो-तिहाई बहुमत के बिना पास नहीं हो सकता था. इसलिए इसे डिले करने का और कोई मतलब नहीं है.