चंडीगढ़ | विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर हरियाणा सरकार ने पर्यावरण संरक्षण, वन क्षेत्र विस्तार और इको- टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए ढ़ेर सारी घोषणाएं की है. बता दें कि सरकार ने राज्यभर में 1.50 करोड़ पौधे लगाने का मन बनाया है. इसके साथ ही, 50 लाख पौधे आम लोगों को निःशुल्क वितरित किए जाएंगे जबकि 20 लाख पौधे स्कूली बच्चों को दिए जाएंगे.

चिड़ियाघरों का होगा नवीनीकरण
कुरुक्षेत्र स्थित पिपली चिड़ियाघर का लगभग 70 करोड़ रुपये की लागत से नवीनीकरण किया जाएगा. वहीं, भिवानी चिड़ियाघर को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए 25 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. सरस्वती संरक्षण वन में 55 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक पक्षी विहार विकसित किया जाएगा. इसके अलावा, यमुनानगर स्थित कलेसर राष्ट्रीय उद्यान में इको- टूरिज्म विकास की नई परियोजनाएं शुरू की जाएंगी. इससे पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी. साथ ही, प्राकृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा.
विश्व पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री की बड़ी घोषणाएँ pic.twitter.com/ofbc4Ez7cT
— CMO Haryana (@cmohry) June 5, 2026
बर्ड वॉचिंग टूरिज्म सर्किट
सरकार ने पक्षी प्रेमियों और पर्यटकों के लिए विशेष बर्ड वॉचिंग टूरिज्म सर्किट विकसित करने की भी योजना बनाई है. इसके तहत, गुरुग्राम का सुल्तानपुर पक्षी विहार, झज्जर स्थित भिंडावास पक्षी अभयारण्य और कोटला झील को जोड़कर एक विशेष पर्यटन सर्किट तैयार किया जाएगा. बता दें कि अब पौधों की पौध तैयार करने के लिए प्लास्टिक की जगह बायोडिग्रेडेबल बैग का इस्तेमाल किया जाएगा जिससे प्लास्टिक प्रदूषण कम होगा. इससे हरियाणा में हरियााली बढ़ेगा, जैव विविधता को संरक्षण मिलेगा. साथ ही, इको- टूरिज्म और पर्यटन से अर्थव्यवस्था को फायदा होगा.