सिरसा | हरियाणा के सिरसा जिले के ऐलनाबाद खंड से बड़ी खुशखबरी सामने आई है जहां युवा सरपंच महेश कड़ेला को सफलता मिली है जोकि गांव नीमला के रहने वाले हैं. उनकी कड़ी तपस्या इन दिनों पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है. दरअसल, राज्य सरकार द्वारा जारी डी ग्रुप भर्ती की वेटिंग सूची में उनका चयन हुआ है. बता दें कि महेश कड़ेला वर्तमान में गांव के सरपंच भी हैं. वहीं, अब सरकारी नौकरी मिल गी है. ऐसे में अब उनके सामने नया फैसला लेने की स्थिति बन गई है. उन्होंने गांव के विकास कार्यों के साथ- साथ अपनी पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी जारी रखी. फिलहाल, सभी की नजरें उनके आगामी फैसले पर टिकि हुई है.

5 बहनों के इकलौते भाई
महेश कड़ेला 5 बहनों के इकलौते भाई हैं. उनका परिवार लंबे समय से गांव की सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रहा है. 2022 में हुए पंचायत चुनाव में उनके पिता बृजलाल कड़ेला गांव नीमला के सरपंच चुने गए थे. हालांकि, साल 2024 में एक दुर्घटना में उनके पिता का निधन हो गया जिसके बाद ये पद खाली हो गया था. इसके बाद, परिवार पर जिम्मेदारियां बढ़ गईं लेकिन महेश ने हिम्मत नहीं हारी. जून 2025 में हुए पंचायत उपचुनाव में ग्रामीणों के समर्थन से अपने प्रतिद्वंद्वी पालाराम नुड्या को हराकर सरपंच बने.
पूरे गांव में खुशी का माहौल
हाल ही में हरियाणा सरकार ने फरवरी 2024 में आयोजित डी ग्रुप भर्ती (1/ 2023) परीक्षा की वेटिंग सूची जारी की. इस सूची में महेश कड़ेला का नाम आने के बाद परिवार और पूरे गांव में खुशी का माहौल है. ग्रामीणों के अनुसार, महेश कड़ेला ने जनप्रतिनिधि होने के साथ- साथ शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में भी सफलता हासिल कू. उन्होंने युवाओं के सामने एक उदाहरण पेश किया है. महेश कड़ेला ने एमएससी (गणित) और बीएड की शिक्षा प्राप्त की है. उन्होंने बताया कि सरपंच बनने से पहले ही 2024 में डी ग्रुप भर्ती की परीक्षा दी थी और लंबे समय से सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे थे.
सरपंच महेश कड़ेला के अनुसार, गांव के लोगों ने उन पर भरोसा जताकर उन्हें सरपंच चुना है इसलिए वे किसी भी निर्णय से पहले ग्रामीणों और पंचायत के वरिष्ठ लोगों से चर्चा करेंगे. यदि सरकारी नौकरी जॉइन करने के लिए सरपंच पद छोड़ना जरूरी हुआ तो गांव की राय और सहमति को प्राथमिकता देते हुए आगे का फैसला लिया जाएगा.