फरीदाबाद | शहर में पिछले सप्ताह हुई दो दिनों की बारिश के दौरान जलभराव से लोगों को हुई भारी परेशानी के बाद नगर निगम ने बड़ा फैसला लिया है. अब मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटने के लिए प्रत्येक जोन में विशेष इमरजेंसी टीम गठित की जाएगी. नगर निगम आयुक्त ने इस संबंध में अधीक्षण अभियंता को पूरी व्यवस्था की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी है. सभी कार्यकारी अभियंताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे तीन दिन के भीतर अपने-अ पने जोन में जूनियर इंजीनियर (JE) के नेतृत्व में इमरजेंसी टीम का गठन करें. मानसून अवधि के दौरान यह टीम 24 घंटे और सप्ताह के सातों दिन अलर्ट मोड पर रहेगी.

नगर निगम के अनुसार, प्रत्येक जोन की टीम को आवश्यक संसाधनों से लैस किया जाएगा ताकि बारिश के दौरान जल निकासी का काम बिना देरी शुरू किया जा सके. टीम के पास एक बोलेरो या समकक्ष वाहन, दो पोर्टेबल डी- वाटरिंग पंप, दो ट्रैक्टर माउंटेड डी-वाटरिंग पंप, चार सीवरमैन, चार बेलदार, दो सुपरवाइजर और सुरक्षा उपकरण उपलब्ध रहेंगे.
ट्रैक्टर- ट्रॉली की व्यवस्था
आपात स्थिति में उपयोग के लिए ईंटों के टुकड़े (ब्रिक बैट्स) और एक ट्रैक्टर- ट्रॉली की व्यवस्था भी की जाएगी. दरअसल, 8 और 9 जुलाई को हुई करीब 46 एमएम बारिश के दौरान नगर निगम क्षेत्र के कई इलाकों में गंभीर जलभराव हो गया था. कई कॉलोनियों और सेक्टरों में पानी घरों तक पहुंच गया था. नगर निगम के शिकायत केंद्र पर जलभराव की 20 से अधिक शिकायतें दर्ज हुई थीं. उस दौरान फील्ड में निगम अधिकारियों की सक्रियता पर भी सवाल उठे थे. वहीं, मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान अधूरी तैयारियों को लेकर निगम अधिकारियों को फटकार भी लगाई थी. हालांकि, एफएमडीए ने जलभराव से निपटने के लिए कई प्रयास किए थे और कुछ हद तक स्थिति संभालने में सफल भी रहा, लेकिन नगर निगम की तैयारियां पर्याप्त नहीं मानी गईं.
टीम तैनात
कार्यकारी अभियंताओं को टीम गठन के तुरंत बाद टीम लीडर यानी जूनियर इंजीनियर समेत सभी प्रमुख सदस्यों के नाम, पदनाम और मोबाइल नंबर अधीक्षण अभियंता, मुख्य अभियंता और नगर निगम आयुक्त कार्यालय को उपलब्ध कराने होंगे. निगम क्षेत्र के पांचों जोन में 11- 11 सदस्यीय टीम तैनात की जाएगी. नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने कहा कि जलभराव से निपटने के लिए हर जोन में इमरजेंसी टीम गठित की जा रही है. आने वाली बारिश के दौरान यह टीम पूरी तत्परता के साथ राहत कार्य करेगी, ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े.