17 जुलाई को रचेगा इतिहास, जींद से दौड़ेगी भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन; जानें खासियत

जींद | देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन के शुभारंभ की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जुलाई को जींद से इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे. ट्रायल और मेंटेनेंस की सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद मंगलवार शाम ट्रेन शकूरबस्ती से जींद रेलवे स्टेशन पहुंच गई. अब अगले दो दिनों तक ट्रेन की वाशिंग, डेकोरेशन और अंतिम तकनीकी जांच का कार्य किया जाएगा. अधिकारियों की टीम इसकी निगरानी में पूरी तैयारियों को अंतिम रूप दे रही है.

hydrogen train

रेलवे अधिकारियों के अनुसार ट्रेन को आकर्षक तरीके से सजाया जाएगा ताकि उद्घाटन समारोह ऐतिहासिक बनाया जा सके. हाइड्रोजन ट्रेन के संचालन के लिए 6 लोको पायलट, सहायक लोको पायलट और 2 गार्डों को चेन्नई और गुजरात में विशेष प्रशिक्षण दिया गया है.

दी गई विशेष ट्रेनिंग

ट्रेन पूरी तरह नॉन एसी है, लेकिन यात्रियों की सुविधा के लिए लग्जरी सीटें, पंखे, जगह- जगह मोबाइल चार्जिंग सॉकेट और खड़े होकर सफर करने वाले यात्रियों के लिए हैंड ग्रिपर लगाए गए हैं. एक बार में करीब 2600 से अधिक यात्री इस ट्रेन में सफर कर सकेंगे. जींद से सोनीपत के बीच करीब 89 किलोमीटर का सफर ट्रेन लगभग दो घंटे में पूरा करेगी. इस दौरान यह 14 रेलवे स्टेशनों पर रुकेगी. ट्रेन सप्ताह में छह दिन संचालित होगी, जबकि रविवार को इसका नियमित मेंटेनेंस किया जाएगा.

शहर में तैयारियां तेज

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हेलिकॉप्टर पुलिस लाइन स्थित हेलीपैड पर उतरेगा. वहां से उनका काफिला सड़क मार्ग से गोहाना रोड, रानी तालाब, एसडी स्कूल, पुरानी सब्जी मंडी मोड़ और पटियाला चौक होते हुए रेलवे स्टेशन पहुंचेगा. पूरे रूट पर सौंदर्यीकरण का काम तेजी से चल रहा है. बिजली की तारें और केबल बदले जा रहे हैं. सड़कों के गड्ढे भरे जा रहे हैं, डिवाइडरों और फुटपाथों पर पेंट किया जा रहा है. मार्ग के आसपास की दीवारों पर भी रंगाई-पुताई और सफाई अभियान चलाया जा रहा है.

विशेष इंतजाम

प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी व्यापक तैयारियां की हैं. सिविल सर्जन डॉ. सुमन कोहली की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक के बाद PGIMS रोहतक सहित अन्य जिलों से हृदय रोग विशेषज्ञ, न्यूरोलॉजिस्ट, रेडियोलॉजिस्ट और प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई है. इसके अलावा 15 एडवांस लाइफ सपोर्ट (ALS) और 7 बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) एम्बुलेंस अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों के साथ तैनात रहेंगी. हाइड्रोजन ट्रेन में 1200 किलोवाट क्षमता का आधुनिक हाइड्रोजन फ्यूल सेल सिस्टम लगाया गया है. इसमें एक बार में 2638 यात्री सफर कर सकेंगे. ट्रेन 110 से 140 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से चल सकती है, जिससे कम दूरी का सफर तेज और सुविधाजनक होगा.

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रोजाना संचालन

ट्रेन नंबर 74010 रोज सुबह 7:40 बजे जींद से रवाना होकर 9:40 बजे सोनीपत पहुंचेगी. वापसी में ट्रेन नंबर 74009 सुबह 10:40 बजे सोनीपत से चलकर दोपहर 1 बजे जींद पहुंचेगी. रास्ते में जींद सिटी, पांडू पिंडारा, ललित खेड़ा, भामेवा, ईशापुर खेड़ी, बुताना, खांडराई, गोहाना, रभड़ा, लाठ, मोहाना हरियाणा और बड़वासनी स्टेशनों पर इसका ठहराव होगा.

भारत सरकार ने 2070 तक नेट-जीरो कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य तय किया है. इसी उद्देश्य के तहत ‘हाइड्रोजन फॉर हेरिटेज’ योजना के अंतर्गत देश के विभिन्न हेरिटेज और पहाड़ी रेल मार्गों पर 35 हाइड्रोजन ट्रेनें चलाने की योजना है. एक हाइड्रोजन ट्रेन तैयार करने पर करीब 80 करोड़ रुपये और प्रत्येक रूट के लिए आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर लगभग 70 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.

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Puja Kumari
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मेरा नाम संयुक्ता पंडित है. मै हरियाणा ई खबर में बतौर कंटेंट एडिटर के पोस्ट पर लगभग 4 सालों से काम रही हूँ. मेरी हमेशा कोशिश रहती है आप लोगो तक ब्रेकिंग न्यूज़ जल्द से जल्द अपडेट करूं और न्यूज़ में कोई व्याकरण की गलती न हो.