नई दिल्ली | अगर आप भीड़- भाड़ से दूर किसी शांत और रोमांचक हिल स्टेशन की तलाश में हैं, तो भारत के सिक्किम का छोटा सा गांव ज़ुलुक आपके लिए बेहतरीन हो सकता है. समुद्र तल से करीब 10 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित यह खूबसूरत गांव कभी भारत और तिब्बत को जोड़ने वाले ऐतिहासिक सिल्क रूट का हिस्सा था. आज यह अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और 32 घुमावदार Hairpin Bends के लिए देशभर के पर्यटकों के बीच खास पहचान बना चुका है. पूर्वी सिक्किम में भारत-चीन सीमा के पास स्थित ज़ुलुक तक पहुंचने का सफर अपने आप में यादगार अनुभव माना जाता है.

यहां की घुमावदार सड़कें, ऊंचे पहाड़, घने जंगल और ठंडी हवाएं यात्रियों को अलग ही दुनिया का अहसास कराती हैं. सबसे खास नजारा थंबी व्यू पॉइंट से देखने को मिलता है, जहां से 32 हेयरपिन मोड़ों वाली सड़क किसी सांप की तरह नजर आती है.
मन मोह लेती हैं किरणें
साफ मौसम में यहां से कंचनजंगा की बर्फ से ढकी चोटियों पर पड़ती सूर्योदय की पहली किरणें मन मोह लेती हैं. इन घुमावदार सड़कों का निर्माण और रखरखाव सीमा सड़क संगठन (BRO) करता है. ऊंचाई, घना कोहरा, सर्दियों में बर्फबारी और मानसून के दौरान भूस्खलन इस रास्ते को और चुनौतीपूर्ण बना देते हैं. यही वजह है कि इसे भारत की सबसे रोमांचक रोड ट्रिप्स में गिना जाता है. ज़ुलुक पहुंचने के लिए अधिकांश पर्यटक गंगटोक या सिलीगुड़ी और न्यू जलपाईगुड़ी से यात्रा शुरू करते हैं.
Zuluk village , Sikkim 🏡🌄 🇮🇳 pic.twitter.com/Fww4srvBOq
— India Aesthetica (@IndiaAesthetica) July 20, 2025
नेचर प्रेमियों के लिए खास
यहां का नजदीकी हवाई अड्डा बागडोगरा और रेलवे स्टेशन न्यू जलपाईगुड़ी है. यहां से सड़क मार्ग से करीब 6 से 8 घंटे का सफर तय करना पड़ता है. सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण ज़ुलुक जाने के लिए परमिट अनिवार्य है. भारतीय नागरिकों को Protected Area Permit (PAP) और विदेशी पर्यटकों को Restricted Area Permit (RAP) लेना होता है. परमिट के लिए कई मामलों में आधार कार्ड के बजाय वोटर आईडी या पासपोर्ट को प्राथमिकता दी जाती है.
ज़ुलुक में ठहरने के लिए स्थानीय परिवारों द्वारा संचालित होमस्टे उपलब्ध हैं. यहां सादगी भरा पहाड़ी जीवन, स्थानीय भोजन, मोमोज, नूडल्स, चावल, दाल और मक्खन वाली गर्म चाय पर्यटकों के सफर को यादगार बना देती है. यह जगह उन लोगों के लिए खास है जो प्रकृति, रोमांच और सुकून को एक साथ महसूस करना चाहते हैं.