महेंद्रगढ़ | हरियाणा के पूर्व कैबिनेट मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रो. रामबिलास शर्मा इन दिनों स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं. शुगर बढ़ने के कारण उनके दोनों पैरों में फफोले हो गए हैं, जिनका इलाज पंचकूला में चल रहा है. डॉक्टरों ने उन्हें फिलहाल पूरी तरह आराम करने और चलने- फिरने से परहेज करने की सलाह दी है. वह पंचकूला के अमरावती एन्क्लेव स्थित अपने आवास पर स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं. उनके स्वास्थ्य की जानकारी लेने के लिए लगातार भाजपा और अन्य दलों के वरिष्ठ नेता उनके आवास पहुंच रहे हैं.

प्रो. रामबिलास शर्मा हरियाणा की राजनीति का बड़ा चेहरा रहे हैं. उन्होंने महेंद्रगढ़ विधानसभा क्षेत्र का पांच बार प्रतिनिधित्व किया और शिक्षा, जन स्वास्थ्य, परिवहन, पर्यटन, तकनीकी शिक्षा, खाद्य एवं आपूर्ति, संसदीय कार्य समेत कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली.
शुरू किया सार्वजनिक जीवन
25 जुलाई 1950 को महेंद्रगढ़ जिले के राठीवास गांव में किसान परिवार में जन्मे शर्मा ने प्रारंभिक शिक्षा सरकारी स्कूलों से प्राप्त की. इसके बाद महेंद्रगढ़ डिग्री कॉलेज से स्नातक और गाजियाबाद विश्वविद्यालय से अंग्रेजी विषय में स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की. छात्र जीवन के दौरान ही वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय हो गए. वर्ष 1970 में उनका विवाह विमला देवी से हुआ. उन्होंने दिल्ली स्थित आरएसएस के झंडेवालान कार्यालय में भी कार्य किया. बीएड की पढ़ाई के दौरान आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए उन्होंने रात्रि चौकीदार के रूप में भी काम किया.
राजनीति में रखा कदम
प्रो. रामबिलास शर्मा ने वर्ष 1974 में जयप्रकाश नारायण आंदोलन से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की. बाद में भाजपा से जुड़कर लगातार चार बार महेंद्रगढ़ से विधायक बने. वर्ष 1987 से 1990 तक जन स्वास्थ्य मंत्री और 1996 से 1999 तक शिक्षा मंत्री के रूप में उन्होंने कार्य किया. वह 1990 से 1993 तक भाजपा हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष भी रहे. वर्ष 2013 में उन्हें दोबारा प्रदेशाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली. 2014 के विधानसभा चुनाव के दौरान उनका नाम मुख्यमंत्री पद के प्रमुख दावेदारों में भी शामिल रहा.
2014 में बने कैबिनेट मंत्री
26 अक्टूबर 2014 को भाजपा सरकार बनने के बाद उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया. उन्होंने शिक्षा, परिवहन, पर्यटन, नागरिक उड्डयन, तकनीकी शिक्षा, संसदीय कार्य, पुरातत्व एवं संग्रहालय सहित कई अहम विभागों का कार्यभार संभाला. उस दौरान उन्हें हरियाणा सरकार के सबसे प्रभावशाली मंत्रियों में गिना जाता था. हालांकि 2019 के विधानसभा चुनाव में उन्हें महेंद्रगढ़ सीट से हार का सामना करना पड़ा. इसके बाद भी वह सामाजिक और जनहित के मुद्दों पर सक्रिय बने हुए हैं.
डॉक्टरों ने दी सलाह
शुगर की वजह से उनके दोनों पैरों में फफोले हो गए हैं. इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें चलने-फिरने से मना किया है. फफोलों के उपचार के लिए विशेष मशीनों की मदद ली जा रही है. उनके मीडिया एडवाइजर राजेश यादव के अनुसार एक पैर में काफी सुधार हो चुका है, जबकि दूसरे पैर में भी करीब 70 प्रतिशत तक आराम है. प्रो. रामबिलास शर्मा के स्वास्थ्य की जानकारी लेने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अर्चना गुप्ता सहित भाजपा के कई वरिष्ठ और केंद्रीय नेता उनके पंचकूला स्थित आवास पहुंच चुके हैं. हरियाणा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने भी उनसे मुलाकात कर उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की है.