रोहतक | हरियाणा के रोहतक जिले में स्थित पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (PGIMS) में इन दिनों मरीजों की परेशानी बढ़ गई है. दरअसल, एक साथ बड़ी संख्या में डॉक्टरों का अवकाश पर चले गए हैं. संस्थान के करीब 320 डॉक्टरों में से लगभग 160 डॉक्टर एक माह की छुट्टी पर चले गए हैं जिसके चलते ओपीडी और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है. डॉक्टरों की संख्या आधी होने के कारण मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है.

सुबह से ही ओपीडी के बाहर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं और कई मरीजों को शाम तक अपने नंबर का इंतजार करना पड़ रहा है. पहले से डॉक्टरों की कमी झेल रहे पीजीआई के लिए यह स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है.
मरीजों पर पड़ रहा असर
मिली जानकारी के अनुसार, जुलाई में भी बड़ी संख्या में डॉक्टर अवकाश पर रहेंगे. ऐसे में अगले दो महीने तक पीजीआई को वैकल्पिक व्यवस्था के सहारे स्वास्थ्य सेवाएं संचालित करनी होंगी. इसका सीधा असर मरीजों पर पड़ रहा है. दरअसल, पीजीआई में हर साल डॉक्टरों को निर्धारित अवकाश दिया जाता है. गर्मियों में डॉक्टरों को 30 दिन और सर्दियों में 24 दिन की छुट्टी मिलती है.
रेजिडेंट डॉक्टरों पर अतिरिक्त जिम्मेदारी
डॉक्टरों की कमी के कारण इस बार कॉन्ट्रैक्ट पर कार्यरत फैकल्टी और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों पर अतिरिक्त जिम्मेदारी आ गई है. कई कॉन्ट्रैक्ट डॉक्टरों को दो- दो शिफ्ट में काम करना पड़ रहा है. वहीं, सीनियर रेजिडेंट भी लगातार सेवाएं दे रहे हैं क्योंकि वे अवकाश नहीं ले सकते. छुट्टी पर गए वरिष्ठ डॉक्टर भी जरूरत पड़ने पर सीनियर रेजिडेंट के संपर्क में बने हुए हैं. बता दें कि पीजीआई में पहले से ही कई पद खाली पड़े हैं. मेडिकल टीचरों के 445 स्वीकृत पदों में से 145 पद रिक्त हैं. इसके अलावा, सीनियर प्रोफेसरों के 27 पद और रेजिडेंट डॉक्टरों के 186 पद भी खाली हैं.
व्यवस्था सुचारू रूप से चालू
पीजीआई प्रशासन हर साल कॉन्ट्रैक्ट डॉक्टरों की भर्ती के लिए आवेदन मांगता है लेकिन डॉक्टरों का रुझान निजी अस्पतालों की ओर अधिक होने के कारण पर्याप्त संख्या में आवेदन नहीं मिल रहे. फिलहाल, संस्थान में करीब 40 कॉन्ट्रैक्ट डॉक्टर कार्यरत हैं.
मरीजों के इलाज में किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाएगी. उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की छुट्टी हर साल की नियमित प्रक्रिया है. इसके बावजूद, अस्पताल की व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है. उनके अनुसार, कॉन्ट्रैक्ट डॉक्टर और अन्य मेडिकल स्टाफ अतिरिक्त जिम्मेदारी निभा रहे हैं तथा मरीजों को आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है. उन्होंने दावा किया कि पीजीआई में आने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है- डॉ. एसके सिंघल, निदेशक, PGI