चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार प्रदेश में 1 किलोवाट तक के घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को उनकी छतों पर सोलर सिस्टम लगाने की सुविधा दी जाएगी. लाभार्थियों को बैंक ऋण लेने या किसी प्रकार की बैंक गारंटी के लिए चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. विभाग के कर्मचारी खुद घर- घर जाकर प्रक्रिया पूरी करेंगे और सोलर सिस्टम स्थापित करवाने में मदद करेंगे.

यह जानकारी हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दी. उन्होंने बताया कि प्रदेश में एक किलोवाट तक के लोड वाले सात लाख से अधिक घरेलू उपभोक्ता हैं जिन्हें इस योजना का लाभ मिल सकता है.
बिजली खर्च को होगा कम
इससे अधिक से अधिक परिवार सौर ऊर्जा से जुड़ जायेंगे और बिजली खर्च को कम होगा. ऊर्जा मंत्री ने बताया कि पांच किलोवाट तक के ऐसे उपभोक्ता जो नियमित रूप से बिजली बिल का भुगतान करते हैं, उन्हें भी सोलर सिस्टम लगाने की सुविधा दी जाएगी. केंद्र और राज्य सरकार की ओर से मिलने वाली सब्सिडी के बाद बची हुई राशि उपभोक्ताओं से आसान किस्तों में ली जाएगी. इसके लिए किसी बैंक से ऋण लेने की आवश्यकता नहीं होगी. इससे आम लोगों के लिए सोलर ऊर्जा अपनाना पहले के मुकाबले काफी आसान हो जाएगा.
पहले ही मिल चुका है लाभ
अनिल विज ने कहा कि हरियाणा सरकार राज्य को सौर ऊर्जा के क्षेत्र में देश का अग्रणी प्रदेश बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है. उन्होंने कहा कि भविष्य में ऊर्जा की बढ़ती मांग को देखते हुए सौर ऊर्जा सबसे महत्वपूर्ण ऑप्शन बनेगी. कोयला, गैस और पेट्रोल जैसे पारंपरिक ऊर्जा स्रोत सीमित हैं जबकि सौर ऊर्जा प्रकृति द्वारा उपलब्ध कराया गया अक्षय और दीर्घकालिक स्रोत है.
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत प्रदेश के हजारों किसानों ने पहले ही सोलर पंप स्थापित किए हैं और इससे उन्हें काफी लाभ मिला है.
एकस्ट्रा इनकम का मिलेगा स्रोत
ऊर्जा मंत्री ने यह भी बताया कि उन्होंने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल के समक्ष एक प्रस्ताव रखा है. इसके तहत ऐसे किसान जिनकी जमीन खाली पड़ी है और जिनके परिवार के सदस्य बाहर रहते हैं, उन्हें अपनी भूमि पर खर्च पर सोलर प्लांट स्थापित करने की अनुमति दी जा सकती है. इससे किसानों को एकस्ट्रा इनकम का स्रोत मिलेगा और प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा.