चंडीगढ़ | हरियाणा से बिहार आने-जाने वाले यात्रियों के लिए सफर आसान होने वाला है। अब गुरुग्राम, पानीपत और अंबाला से बिहार के कई बड़े शहरों तक सीधी बस सेवा शुरू करने की तैयारी है। इससे यात्रियों को बार-बार बस बदलने की परेशानी से राहत मिल सकेगी। बता दें कि हरियाणा और बिहार के बीच 12 अंतरराज्यीय मार्गों पर बस संचालन का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

परिवहन सचिव अतुल द्विवेदी ने दोनों राज्यों के बीच समझौते की अधिसूचना जारी कर 30 दिनों के भीतर आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं। प्रस्ताव के तहत गुरुग्राम, पानीपत और अंबाला से पटना, पूर्णिया और मधुबनी के अलावा गुरुग्राम और अंबाला से गया तक बसें चलाने की योजना है।
होगा सबसे लंबा रूट
प्रस्तावित मार्गों में गुरुग्राम से पटना की दूरी 1044 किलोमीटर और पानीपत से पटना की दूरी 1069 किलोमीटर होगी। अंबाला से पटना का रूट 1274 किलोमीटर का रहेगा। वहीं, पूर्णिया के लिए गुरुग्राम से 1267, पानीपत से 1361 और अंबाला से 1470 किलोमीटर के मार्ग प्रस्तावित हैं। अंबाला से पूर्णिया सबसे लंबा रूट होगा। गया के लिए गुरुग्राम से 1081 और 1099 किलोमीटर के दो मार्ग तथा अंबाला से 1224 किलोमीटर का मार्ग रखा गया है। मधुबनी के लिए गुरुग्राम, पानीपत और अंबाला से क्रमशः 1183, 1264 और 1378 किलोमीटर के रूट प्रस्तावित हैं।
10 साल से पुरानी बसों को अनुमति नहीं
इन मार्गों पर एक्सप्रेस, डीलक्स, डीलक्स एसी और एसी स्लीपर बसें चल सकेंगी। बसों का समय और रोजाना फेरों की संख्या दोनों राज्यों के परिवहन प्राधिकरण तय करेंगे। यात्रियों की सुरक्षा के लिए 10 साल से पुरानी बसों को अनुमति नहीं मिलेगी। वाहनों में लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस और कम से कम एक इमरजेंसी बटन लगाना जरूरी होगा।
दिवाली और छठ पर भी चलेंगी विशेष बसें
वहीं, बिहार राज्य पथ परिवहन निगम दिवाली और छठ पर हरियाणा के लिए विशेष बसें चलाएगा। पटना से 7, गया से 2, पूर्णिया से 18 और दरभंगा से 22 बसें चलाने की योजना है। कुछ एसी स्लीपर रूट पर किराये में छूट भी दी जा रही है। भागलपुर-अंबाला रूट पर 1113 रुपये, पूर्णिया-अंबाला पर 1103 रुपये और मधुबनी-अंबाला पर 1092 रुपये की छूट प्रस्तावित है।