चरखी दादरी | हरियाणा में बिना दहेज के सम्पन्न हुई एक शादी चौतरफा सुर्खियां बटोर रही है. चरखी दादरी के दूल्हे और भिवानी की दुल्हन की यह अरेंज मैरिज मात्र 1 रूपए के शगुन में हुई है. जब रिश्ता तय करने के लिए बातचीत हुई थी, तब दुल्हन के किसान पिता ने कहा कि यह जोड़ी नहीं मिल रही है क्योंकि उनके पास दहेज देने के लिए पैसे नहीं हैं. तब दूल्हे के रिटायर्ड आफिसर पिता ने कहा कि उन्हें कुछ नहीं चाहिए. दुल्हन ही हमारे लिए सबकुछ है.
दोनों हैं डॉक्टर
चरखी दादरी निवासी कृषि विभाग से रिटायर्ड डा रमेश रोहिल्ला ने बताया कि वह अपने डॉक्टर बेटे अरूण रोहिल्ला के लिए रिश्ता तलाश रहे थे. अरूण पेशे से न्यूरोलॉजिस्ट है और चरखी दादरी के एक नामचीन अस्पताल में कार्यरत हैं. इस दौरान परिचित से पता चला कि भिवानी में किसान की बेटी संतोष है जिसने हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय से पीएचडी कर रखी है.
सभी रस्मों को किया पूरा
उन्होंने बताया कि जब रिश्तेदार के जरिए संतोष के पिता से मुलाकात की तो उन्होंने बताया कि आर्थिक रूप से अरूण और संतोष की जोड़ी नहीं मिलती है तो ये रिश्ता नहीं हो सकता है. तब डॉ. रमेश रोहिल्ला ने कहा कि हमें दहेज नहीं चाहिए. हमें बस बच्चों की जोड़ी मिलानी है. इसके बाद दुल्हन के पिता रिश्ते के लिए राजी हो गए. फिर दोनों का 7 फरवरी को विवाह हुआ. इस दौरान दहेज के रूप में कोई नगदी व सामान वगैरह नहीं लिया गया. मात्र 1 रूपया शगुन के तौर पर लेकर विवाह की सभी रस्मों को पूरा किया गया.
बिना दहेज के शादी करने पर सभी ने खुशी जाहिर की है. सभी ने इस पहल को सराहा है. हमारी कोशिश थी कि शादी में दुल्हन के परिवार पर किसी भी तरह का कोई आर्थिक बोझ न पड़े. हम सभी के सामूहिक प्रयासों से ही दहेज जैसी सामाजिक कुरीति को खत्म करने में सफलता मिलेगी- डॉ. रमेश रोहिल्ला, दूल्हे के पिता
