नई दिल्ली | आमतौर पर लोग अपने घरों को सजाने के लिए विभिन्न तरीके अपनाते हैं, लेकिन संजय कुमार ने अपने घर में एक मिनी रेलवे स्टेशन बना लिया है. उनके घर में एक रेलवे ट्रैक बिछा हुआ है, जिससे ट्रेन की सिटी की आवाज हमेशा सुनाई देती रहती है. इलाके के लोग उनके घर को मिनी रेलवे स्टेशन (Mini Railway Station) के नाम से जानते हैं. संजय कुमार को इंजन मैन के नाम से भी जाना जाता है.
इंजन प्रदर्शनी से मिली पहचान
संजय कुमार ने दिल्ली के भारत मंडपम में अपनी ट्रेन इंजन और ट्रैक की प्रदर्शनी लगाई थी, जिसे देखकर लोग हैरान रह गए थे. मूल रूप से पंजाब के रहने वाले संजय लंबे समय से दिल्ली और गुड़गांव में रह रहे हैं. उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है और अपनी खुद की स्टीम इंजन बनाने का काम शुरू किया था. अब तक उन्होंने दो इंजन और ट्रेन बनाएं हैं. चार और इंजन बनाने की प्रक्रिया में हैं.
1970 के स्टीम इंजन की बनाई हूबहू कॉपी
संजय कुमार बताते हैं कि उन्होंने 1970 के स्टीम इंजन की हूबहू कॉपी बनाई है, जो कभी चलन से बाहर हो गया था. इस इंजन का वजन 272 किलो है और इसकी स्पीड 25 किलोमीटर प्रति घंटा है. यह एक बार में 40 लोगों को ले जाने की क्षमता रखता है. इसके स्टीम इंजन की सीटी की आवाज 1 किलोमीटर तक सुनाई देती है. संजय ने इसे बनाने में कई सालों तक लगातार मेहनत की और इसके पार्ट्स खुद तैयार किए हैं.
लोगों ने की सराहना
संजय कुमार ने अपनी कार रोलिंग ट्रेन भी तैयार की है, जो एक बार में 10 से ज्यादा लोगों को बैठाकर चलाई जा सकती है. यह गाड़ी काफी आरामदायक है. संजय इसे प्रदर्शनी या पार्कों में चलाते हैं. लोग उनके इस प्रयास की सराहना करते हैं. उन्होंने कहा कि अगर भारत सरकार और भारतीय रेलवे चाहें तो वह इन इंजनों और ट्रेनों को एक खूबसूरत पार्क का रूप दे सकते हैं, जिसे देखने के लिए लोग दूर-दूर से आएंगे.
दार्जिलिंग की ट्रेन की कॉपी बना रहे संजय
संजय कुमार ने दार्जिलिंग रेलवे स्टेशन और ट्रेन की हूबहू कॉपी बनाने का काम भी शुरू किया है, जिसे दुनियाभर में सबसे खूबसूरत माना जाता है. उनका अनुमान है कि मार्च तक यह पूरी हो जाएगी. इस ट्रेन में स्टीम लोकोमोटिव का इस्तेमाल किया जाएगा, जो गैस और कोयला दोनों से संचालित होगी.
