हांसी | भारतीय सेना के मुक्केबाज अंकुश पंघाल ने एशियाई खेलों में पुरुषों के 80 किलोग्राम भारवर्ग के सेमीफाइनल में जगह बनाकर भारत के लिए पदक सुनिश्चित कर दिया है. रविवार को खेले गए क्वार्टर फाइनल में उन्होंने ताजिकिस्तान के नेक्रूज सलीमोव के खिलाफ 5-0 से जीत दर्ज की. सेमीफाइनल में पहुंचने के साथ ही बॉक्सिंग में उनका कम से कम ब्रॉन्ज मेडल तय हो गया है.
अंकुश हरियाणा के भेरियां गांव के रहने वाले हैं. उनकी सफलता के बाद अब हरियाणा के खेल प्रेमियों की निगाहें बॉक्सिंग के एक अन्य मुकाबले के साथ महिला हॉकी टीम पर भी रहेंगी.
अंकुश ने पक्का किया पदक
क्वार्टर फाइनल में अंकुश पंघाल ने नेक्रूज सलीमोव के खिलाफ मुकाबले पर अपना नियंत्रण बनाए रखा और 5-0 के फैसले के साथ अगले दौर में प्रवेश किया. अंकुश के शुरुआती कोच प्रदीप सावंत के अनुसार, वह फिलहाल सेना खेल प्रशिक्षण केंद्र बंगलूरू में अभ्यास कर रहे हैं. अब सेमीफाइनल में उनके पास पदक का रंग बदलने का मौका होगा.
रिंग में उतरेंगे नरेंद्र बेरवाल
पुरुषों के +90 किलोग्राम भारवर्ग में सैनिक मुक्केबाज नरेंद्र बेरवाल का क्वार्टर फाइनल मुकाबला थाईलैंड के आथपोंग सैंगटेप से होगा. यह मुकाबला दोपहर 3:45 बजे निर्धारित है. नरेंद्र हांसी जिले के सोरखी गांव के मूल निवासी हैं. ऐसे में अंकुश के पदक पक्का करने के बाद अब खेल प्रेमियों को नरेंद्र से भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी. क्वार्टर फाइनल में जीत दर्ज करने पर नरेंद्र भी प्रतियोगिता के अगले दौर में जगह बना लेंगे. बॉक्सिंग से ठीक पहले दोपहर 3:30 बजे महिला हॉकी के पूल बी में भारत और सिंगापुर आमने-सामने होंगे.
इस मुकाबले में हिसार स्टेडियम की प्रशिक्षु दीपिका सहरावत और गोलकीपर सविता पूनिया के प्रदर्शन पर भी नजर रहेगी. दीपिका रोहतक की मूल निवासी हैं, जबकि सविता सिरसा जिले से आती हैं.
