जींद | हरियाणा के जींद जिले के नरवाना क्षेत्र से पूरे प्रदेश को गौरवमई करने वाली खबर सामने आई है. यहां गांव डूमरखां कलां की बेटी मुस्कान 12वीं कक्षा की छात्रा है लेकिन उसकी पहचान केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं है. स्कूल से लौटने के बाद सीधे खेतों में जाकर अपने पिता का हाथ बंटाती है. मुस्कान खेत में ट्रैक्टर चलाने से लेकर जुताई- बुवाई, रीपर मशीन चलाना और खेतों को समतल करना सभी कार्यों में निपुण है.

4 बहनों में है सबसे बड़ी
चार बहनों में सबसे बड़ी मुस्कान ने कभी अपने पिता को बेटे की कमी महसूस नहीं होने दी. शुरुआत में गांव के लोग उसके ट्रैक्टर चलाने पर तंज कसते थे लेकिन उसने इन बातों को नजरअंदाज कर मेहनत जारी रखी. आज वही लोग उसकी हिम्मत और लगन की तारीफ करते है.
ट्रैक्टर, बाइक, कार सब में निपुण
मुस्कान सिर्फ ट्रैक्टर ही नहीं बल्कि कार, बाइक और स्कूटी भी चलाना जाती है. इसी कारण गांव में वह ड्राइवर छोरी के नाम से प्रसिद्ध हो गई है. उसकी मेहनत को देखते हुए उसके पिता ने खुद का ट्रैक्टर भी दिलाया है. जब उसके मेकअप और रंग- रूप के बारे में पूछा गया तो उसका जबाव बेहद प्रेरणादायक था. उसने कहा कि मेकअप बाद में भी हो सकता है लेकिन मेहनत सबसे जरूरी है.
मुस्कान की कहानी यह साबित करती है कि अगर हौसला और लगन हो तो कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता है. वह सिर्फ एक बेटी नहीं बल्कि एक सोच है, जो समाज में बेटियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है.