करनाल | हरियाणा के करनाल में भगवाड़िया गैस एजेंसी के पास बीरू वाल्मीकि की हत्या के मामले में पुलिस ने गुरुवार देर रात बड़ी कार्रवाई की. गांव घोगरिपुर के पास पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें दोनों आरोपी गोली लगने से घायल हो गए. पुलिस उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया. मृतकों की पहचान नीलोखेड़ी के हर्ष और कैथल के गांव मटरवा खेड़ी निवासी बीरबल के रूप में हुई है. वहीं, पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है. साथ ही, मुठभेड़ से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है.

बीरू वाल्मीकि की हत्या की जिम्मेदारी सोशल मीडिया पर ‘समाना’ नाम से एक युवक ने ली थी. पोस्ट में दावा किया गया था कि इंस्टाग्राम पर हुए विवाद के चलते हत्या को अंजाम दिया गया. इसके अलावा, सोशल मीडिया पर दो अलग- अलग गैंग की ओर से भी हत्या की जिम्मेदारी लेने संबंधी पोस्ट सामने आई थीं, जिनकी पुलिस जांच कर रही है.
हरियाणा बीरू वाल्मीकि हत्याकांड
हत्या के बाद परिजनों और समाज के लोगों ने आरोपियों के एनकाउंटर की मांग को लेकर आंबेडकर चौक पर धरना- प्रदर्शन किया. पोस्टमार्टम के बाद भी परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया था. विधायक जगमोहन आनंद और डीएसपी संदीप कुमार ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया लेकिन वे अपनी मांग पर अड़े रहे. बड़ी संख्या में लोग मुर्दाघर के बाहर धरने पर बैठे रहे. बीरू वाल्मीकि की सात महीने पहले ममता से शादी हुई थी.
पति की हत्या के बाद पत्नी भी धरने पर बैठ गई. उसने कहा कि बीरू हरिद्वार जाने की बात कर रहा था, लेकिन भगवान उसे हमेशा के लिए अपने पास ले गए. पत्नी ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा था कि जब तक बदमाशों का एनकाउंटर नहीं होगा, तब तक परिवार शव नहीं उठाएगा. देर रात हुई पुलिस मुठभेड़ में दोनों आरोपियों की मौत के बाद इस पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है.