दिल्ली सरकार को लगा बड़ा झटका, हाईकोर्ट ने ‘डोर स्टेप राशन डिलिवरी’ पर लगाई रोक

नई दिल्ली | दिल्ली हाईकोर्ट से दिल्ली की केजरीवाल सरकार को बड़ा झटका लगा है. सरकार की डोर स्टेप राशन वितरण योजना पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है. हाईकोर्ट ने गुरुवार को मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि फिलहाल यह योजना दिल्ली में लागू नहीं होगी. केजरीवाल सरकार ने संबंधित योजना को 25 मार्च 2021 को लागू करने की तैयारी की थी, लेकिन केंद्र ने इस पर आपत्ति जताई थी.

arvind kejriwal

इससे पहले अक्टूबर 2021 में दिल्ली हाईकोर्ट ने केजरीवाल सरकार की इस डोर स्टेप राशन डिलीवरी योजना को लागू करने की सशर्त अनुमति दी थी. हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को लोगों के घरों तक राशन पहुंचाने की इजाजत दे दी थी. कोर्ट ने निर्देश दिया था कि सरकार उन सभी मूल्य की दुकानों की जानकारी उन कार्डधारकों को दे जो इस योजना के तहत घर पर राशन लेना चाहते हैं।

मुख्यमंत्री’ शब्द के प्रयोग पर आपत्ति

पहली आपत्ति योजना के नाम पर ‘मुख्यमंत्री’ शब्द के प्रयोग को लेकर थी. केंद्र ने कहा कि राशन का वितरण राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत किया जाता है. दूसरा तर्क दिया कि एनएफएसए में किसी भी बदलाव के लिए कानून में बदलाव की आवश्यकता होगी और ऐसा करने का अधिकार केवल संसद के पास था. नतीजा यह हुआ कि योजना को लेकर एक ही शहर में दो सरकारें आमने-सामने आ गईं. इधर केंद्र ने योजना के क्रियान्वयन का विरोध करते हुए कहा कि यह एनएफएसए के प्रावधानों का उल्लंघन करता है और इसके लागू होने से दिल्ली में रहने वाले प्रवासी राशन से वंचित हो जाएंगे.

यह भी पढ़े -   हरियाणा की बेटियों का जलवा है कायम, अब इस बेटी ने ऑल इंडिया लॉ एंट्रेंस टेस्ट में हासिल की 5वीं रैंक

कालाबाजारी पर लगाम लगाने का आप ने किया दावा

उधर दिल्ली सरकार ने इससे कालाबाजारी पर लगाम लगाने का दावा किया और कहा कि इससे राशन माफिया पर लगाम लगेगी और राशन सीधे लाभार्थी तक पहुंचेगा. इस मुद्दे को लेकर दोनों सरकारों के बीच राशन डीलरों की यूनियन हाईकोर्ट पहुंची. उन्होंने दिल्ली सरकार की संबंधित योजना को उसके अधिकार क्षेत्र से बाहर बताया.

यह भी पढ़े -   Gold Price Today: सोने- चांदी की कीमतों में आया उछाल, जानिए आज का ताजा भाव

हाईकोर्ट के आदेश में दखल देने से किया इनकार

मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंचा, लेकिन तब सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश में दखल देने से इनकार कर दिया था. बता दें कि पिछले साल सितंबर में दिल्ली उच्च न्यायालय ने मामले में एक अंतरिम आदेश जारी करके दिल्ली सरकार के फैसले को बरकरार रखा था, जिसके तहत राशन डीलरों को राशन की आपूर्ति नहीं करने का आदेश दिया गया था, जिन्होंने डोरस्टेप डिलीवरी का विकल्प चुना था.

हमें Google News पर फॉलो करे- क्लिक करे! हरियाणा की ताज़ा खबरों के लिए अभी हमारे हरियाणा ताज़ा खबर व्हात्सप्प ग्रुप में जुड़े!